Home ताजा खबर मुंगेर की स्थिति चिंताजनक, मार्च में बाहर से आए लोगों का बनेगा डाटा

मुंगेर की स्थिति चिंताजनक, मार्च में बाहर से आए लोगों का बनेगा डाटा

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बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। मुंगेर में प्रतिदिन कोरोना से संदिग्‍ध मरीज भर्ती हो रहे हैं। यहां के मरीज भागलपुर में भर्ती हो रहे हैं। JLNMCH में लगातार ऐसे संदिग्ध मरीजों पर ध्यान रखी जा रही है। कुछ संदिग्ध मरीजों का इलाज पटना में भी हो रहा है।  कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर लगातार जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सजग है। जिला में कोरोना को लेकर संक्रमण का खतरा नहीं हो, इसको लेकर लगातार बेहतर पहल भी की जा रही है। 10 मार्च को जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन और स्वस्थ्य विभाग द्वारा जिला के 9 प्रखंडों में कुल 11 आइसोलेशन वार्ड में 182 बेड की व्यवस्था की गई है। जिसमें 22 संदिग्ध मरीजों को रखा गया है। चार मरीजों को 10 मार्च को आइसोलेट किया गया है। इसके अलावा चार हजार 301 बेडों वाले 127 क्वारंटाइन सेंटर में 335 मरीजों को क्वारंटाइन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिले में अब तक 297 लोगों का सैंपल लिया गया।

जिसमें 290 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। फिलहाल जिले में एक भी कोरोना के पॉजिटिव मरीज नहीं है। डीएम राजेश मीणा ने कहा कि 11 लोगों का सैंपल गुरुवार को जांच के लिए पटना भेजा गया, जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना संक्रमण से हुई पहली मौत के बाद मुंगेर जिला में संक्रमण पर ब्रेक लगाने में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हद तक सफल रहा। संक्रमित युवक के संपर्क में आए लोगों की सूची स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले ही तैयार कर ली गई थी। जिसमें 297 लोगों का जांच 10 मार्च तक करा ली गई। इसमें 290 लोगों का रिपोर्ट निगेटिव मिला। शेष सात मामलों में एक की मौत के बाद अन्य छह पॉजिटिव पाए गए लोग भी कोरोना को मात देकर घर वापस लौट चुके हैं। अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नई पहल शुरू की गई है।

डीएम राजेश मीणा ने बताया कि जिले में कोविड -19 मामलों के प्रकाश में आने के बाद विशेष रूप से लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी रखने के लिए चिकित्सा सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए वार्ड वार विशेष टीम का गठन किया गया है। जो प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर परिवार के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लेगी। इससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के पास लोगों की स्वास्थ्य की सही जानकारी आसानी से उपलब्ध रहेगा। टीम मार्च में बाहर से आए लोगों के बारे में भी जानकारी मागेंगी। डीएम ने सभी लोगों से सर्वें में लगी टीमों का सहयोग करने की अपील की है। डीएम ने कहा कि इस डेटा का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा।

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जिला में नौ क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। जबकि, 127 क्वारंटाइन कैंप बनाए गए हैं। रेलवे के क्वींस हॉस्टल को भी क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। यहां कोरोना के 30 संदिग्ध मरीजों को रखा गया है। क्वारंटाइन सेंटर में रहने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सक और नर्स की तीन शिफ्टों में डयूटी लगाई गई है। क्वारंटाइन सेंटर में चिकित्सीय सुविधा के साथ ही शारीरिक दूरी का शत प्रतिशत अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां रहने वाले प्रत्येक संदिग्ध मरीज को अलग-अलग टूथ ब्रश, साबुन आदि मुहैया कराए गए हैं। इसके साथ ही चाय और नाश्ता दिया जाता है। दोपहर और रात में खाना सभी को बंद सील पैक पानी का बोतल दिया जाता है। क्वारंटाइन सेंटर के प्रभारी सह सीओ शंभू मंडल ने बताया कि यहां रह रहे मरीजों को सभी सरकारी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बाहरी लोगों से संपर्क नहीं हो इसको लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है। सभी का सैंपल कलेक्ट किया गया है। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीजों को होम क्वारंटाइन में भेजा जाता है। क्वारंटाइन सेंटर पर साफ-सफाई को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है। इसके अलावा पूरे कैंपस को सैनिटाइज कराने का भी काम किया जा रहा है।

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