Home देश क्रूड की कीमतों में गिरावट से सउदी आरामको के साथ आरआईएल की डील में हो सकती है देरी, इसीलिए फेसबुक के साथ नई डील से शुरू हुई नई दोस्ती

क्रूड की कीमतों में गिरावट से सउदी आरामको के साथ आरआईएल की डील में हो सकती है देरी, इसीलिए फेसबुक के साथ नई डील से शुरू हुई नई दोस्ती

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पिछले दो महीनों में क्रूड ऑयल की कीमतों में बुरी तरह से आई गिरावट ने देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और दुबई की तेल कंपनी सउदी आरामको के बीच होनेवाली डील को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। यही कारण है कि मुकेश अंबानी अब तेल से डेटा की ओर जा रहे हैं और तेल में एक बड़ी डील करने की बजाय उन्होंने डेटा में फेसबुक के साथ डील कर अपने इरादों को स्पष्ट कर दिया है। यानी जिस कर्ज को घटाने के लिए मुकेश अंबानी सउदी आरामको का हाथ पकड़ रहे थे, उसके उलट उन्होंने भारत की विशाल आबादी के साथ जुड़ने के साथ-साथ एक बड़े अवसर को पकड़ने की कोशिश की है और इससे पहले वे फेसबुक के साथ डील कर इसे आगे ले जाने की राह पर चल पड़े हैं।

एक दिन में रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशक हुए मालामाल

हालांकि दूसरी ओर जियो के साथ फेसबुक की डील ने मुकेश अंबानी के लिए राहत प्रदान किया है। राहत की बात यह भी है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर बुधवार को बीएसई पर 11 प्रतिशत के बढ़त के साथ 1,371 रुपए तक चला गया और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 8.69 लाख करोड़ रुपए हो गया। इस तरह से देखा जाए तो महज एक महीने में इसके शेयर ने निवेशकों की राशि में 50 प्रतिशत का इजाफा किया है। एक साल के आधार पर देखें तो यह शेयर अभी भी 12 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। उधर फेसबुक का शेयर नास्डाक पर 176 डॉलर पर कारोबार कर मंगलवार को बंद हुआ था और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 486 अरब डॉलर था।

आरआईएल को कर्ज मुक्त कंपनी बनाने की योजना

बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज में सउदी आरामको 20 प्रतिशत हिस्सा खरीदने के लिए बात कर रही थी। लेकिन दो महीने से पूरी दुनिया में तेल की कीमतो में जबरदस्त गिरावट से यह डील अधर में लटक गई है और निकट भविष्य में तेल की कीमतों में उछाल की कोई संभावना भी नहीं दिख रही है। यही कारण है कि भारत में डेटा और छोटे किराना दुकानों तक पहुंचकर मुकेश अंबानी एक अलग रास्ता बनाना चाहते हैं। दरअसल मुकेश अंबानी कंपनी में कर्जो को लेकर काफी सख्त हैं और वह किसी तरह से कंपनी को शून्य कर्ज वाले उपक्रम के रूप में तब्दील करना चाहते हैं।

अक्टूबर 2019 में रिस्ट्रक्चरिंग की घोषणा 

क्रेडिट सुइस ने कहा कि फेसबुक निवेश से जियो के डिजिटल अभियान में तेजी आएगी। इसमें कहा गया है कि यह सौदा अक्टूबर 2019 में की गई रिस्ट्रक्चरिंग की घोषणा के अनूरूप है जिसमें रिलायंस ने जियो से 1.08 लाख करोड़ रुपये का कर्ज स्टैंडअलोन एंटिटी को हस्तांतरित किया था। रिलायंस जियो में फेसबुक के 5.7 अरब डॉलर के निवेश ने बुधवार के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को 11 प्रतिशत बढ़ा दिया, जिससे निवेशकों को एक दिन में 60,000 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ जब वैश्विक बाजारों में कोहराम मचा हुआ था। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 8.69 लाख करोड़ रुपए हो गया।

2016 में किया था 40 अरब डॉलर का निवेश

आरआईएल का कर्ज, जियो के विस्तार के कारण अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया था, जब अंबानी ने 2016 में 40 बिलियन डॉलर का निवेश किया था। फेसबुक डील अब मार्च 2021 तक नेट डेट को शून्य करने की भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी का केंद्र बिंदु बन गया है। इससे पहले, RIL ने अपने कुछ व्यवसायों में अरबों डॉलर बेचने का प्रयास करके ऋण को कम करने के प्रयासों में तेजी लाई थी। यह अब भी सऊदी अरामको के साथ बातचीत में है कि वह अपने टेलीकॉम टॉवर कारोबार में हिस्सेदारी के लिए अपने तेल का 20 प्रतिशत केमिकल्स बिजनेस और कनाडा की प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट को बेच सके ।

2021 के अंत तक का लक्ष्य

अंबानी ने 12 अगस्त, 2019 को कंपनी की 42 वीं वार्षिक जनरल मीटिंग में कहा था कि कंपनी के पास 31 मार्च, 2021 तक जीरो नेट डेट वाली कंपनी बनने का स्पष्ट रोडमैप था। 2018 में रिलायंस ने बड़े वैश्विक संस्थागत निवेशकों से पैसे को उगाहने के इरादे से 1.25 लाख करोड़ रुपये दूरसंचार बुनियादी ढांचे वाले परिसंपत्तियों को दो अलग ट्रस्टों को हस्तांतरित कर दिया। अंबानी ने कहा, इसके लिए उसे विश्व प्रसिद्ध निवेशकों से मजबूत इंट्रेस्ट और प्रतिबद्धताएं मिली हैं और उन्हें विश्वास है कि ये लेनदेन वित्त वर्ष 21 के अंत तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2019 की समाप्ति 154,478 करोड़ रुपये के शुद्ध ऋण के साथ की थी।

केजी-डी 6 में निवेश के लिए बीपी के साथ समझौता

अंबानी ने यह भी कहा था कि सऊदी अरामको आरआईएल के तेल से रसायन (02C) डिवीजन में 75 बिलियन डालर के एंटरप्राइज वैल्यू पर 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा। रिलायंस ने केजी-डी6 में निवेश के लिए बीपी के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किया है। उन्होंने कहा था कि इन दोनों लेन-देन लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये की है। उनके पास आरआईएल के तेल से रसायन (O2C) व्यवसाय में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए अरामको की ओर से एक एलओआई है जिसका ईवी पर मूल्य 75 बिलियन डालर है। हालांकि विश्व स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुए इस सौदे में थोड़ी रुकावट आ सकती है। 

फेसबुक का निवेश जापान के सॉफ्टबैंक के लिए चुनौती

दिसंबर तिमाही के अंत में आरआईएल पर 3,06,900 करोड़ रुपये का ग्रास डेट और कैश तथा कैश के इक्विलेंट 1,53,700 करोड़ रुपये था। कंपनी ने टेलीकॉम वेंचर में करीब 50 बिलियन डालर या अपने मार्केट कैप का लगभग 50 फीसदी निवेश किया था। फेसबुक के निवेश का मूल्य जियो प्लेटफॉर्म्स को 4.62 लाख करोड़ रुपये प्री-मनी एंटरप्राइज वैल्यू (65.95 अरब डॉलर) में दिया गया है, जो 70 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर की दर से है।  फेसबुक की बात करें तो उसका यह निवेश जापान के सॉफ्ट बैंक के लिए एक चुनौती के रूप में उभर सकता है। क्योंकि भारत में ज्यादातर निवेश सॉफ्टबैंक द्वारा ही किया जाता है। इसने भारत में करीबन 10 अरब डॉलर का निवेश फ्लिपकार्ट, ओला और ओयो जैसी कंपनियों में किया है।

जियो के शेयर का भाव 550 से 800 रुपए के बीच

एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने 14 अप्रैल को जियो का वैल्यूएशन करीबन 4.8 लाख करोड़ रुपए लगाया था। अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रति शेयर का मूल्य 1,400 रुपए माना जाता है तो जियो का शेयर प्राइस करीबन 811 रुपए हो सकता है। के.आर. चौकसी के एमडी देवेन चौकसी कहते हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के 1,200 रुपए प्रति शेयर के आधार पर जियो के शेयर का भाव 550 रुपए हो सकता है। इस आधार पर जियो का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.4 लाख करोड़ रुपए हो सकता है। वैश्विक ब्रोकरेज हाउस सीएलएसए के मुताबिक हाल में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा टैरिफ में की गई वृद्धि के कारण जियो के अर्निंग बिफोर, इंट्रेस्ट, टैक्स, डिप्रीसिएशन एंड अमोर्टाइजेशन (इबिट्डा) में वित्तीय वर्ष 2021 में सालाना आधार पर 78 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

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