Home बड़ी खबर पटना आइजीआइएमएस की बड़ी लापरवाही, अस्पताल से भागा कोरोना पॉजिटिव, प्रशासन के फूले हाथ-पांव

पटना आइजीआइएमएस की बड़ी लापरवाही, अस्पताल से भागा कोरोना पॉजिटिव, प्रशासन के फूले हाथ-पांव

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पटना। अमनौर प्रखंड के भागवतपुर गांव के पेट के रोगी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सारण जिले में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को पटना में आइजीआइएमएस में भर्ती इस मरीज ने ऑपरेशन के बाद अपने स्वजनों के माध्यम से छपरा में सांसद निधि से चलाई जा रही मुफ्त एंबुलेंस सेवा का लाभ उठाया और पटना से चुपचाप भाग निकला।

शुक्रवार की शाम को सिविल सर्जन को जब उसके पॉजिटिव होने की जानकारी मिली तो आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और घर से उसे संक्रमण से बचाव के इंतजामों के साथ छपरा सदर अस्पताल लाई। यहां से शुक्रवार की रात उसे कोरोना अस्पताल में तब्दील पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज (एनएमसीएच) भेज दिया गया।

उसके परिवार की एक आशा कार्यकर्ता समेत 22 लोगों को सदर अस्पताल के क्वारंटाइन वार्ड में रखा गया है। उन सभी के सैंपल जांच के लिए भेजा जा रहे हैं। उस एंबुलेंस चालक को भी ढूंढा जा रहा है जो उसे लेकर छपरा आया था। 

उधर पटना आइजीआइएमएस में मरीज के भागने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। इसे अस्पतालकर्मियों की लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। मरीज इमरजेंसी समेत कई विभागों में भर्ती रहा और कई डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों के संपर्क में आया।

अस्पताल के उन वार्ड को सेनिटाइज कर मरीज के संपर्क में आये डॉक्टरों और अस्पतालकर्मियों को चिन्हित किया जा रहा। अस्पताल भी सील किया जा सकता है, क्योंकि ये लगातार दूसरा मामला है। इसके पहले टीबी मरीज के पॉजिटिव मिलने पर भी वार्ड को सील कर संबंधित डॉक्टर और नर्स को होम क्वारंटाइन किया गया है। अस्पताल प्रबंधन दोपहर बाद तक इसको लेकर बैठक करता रहा। 

इधर छपरा सिविल सर्जन डा. माधवेश्वर झा ने बताया कि भागवतपुर गांव निवासी वृद्ध को पेट की बीमारी है, लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा है। वह 9 अप्रैल को पीएमसीएच में भर्ती हुआ था। वहां से 15 अप्रैल को वह आइजीआइएमएस चला गया। वहीं उसका ऑपरेशन हुआ।

ऑपरेशन के बाद वह 23 अप्रैल को पंचायत से एंबुलेंस बुलवाकर चुपके से अपने गांव चला आया। गांव आकर वह घर में रह रहा था। शुक्रवार की रात में जब उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो इसकी सूचना आइजीआइएमएस से उन्हें मिली। रात में ही उसे एंबुलेंस से छपरा सदर अस्पताल लाया गया और यहां पूरे एहतियात के साथ एनएमसीएच भेजा गया।

उसके 22 सगे-संबंधियों व स्वजनों को सदर अस्पताल में क्वारंटाइन में किया गया हैं। मरीज और उसके परिजनों द्वारा किन-किन लोगों से मुलाकात की गई है, इसकी जानकारी ली जा रही है। वे स्वयं गांव में कैंप कर रहे हैं।

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