Home पटना पटना में जल की निकासी के लिए बनाएं 50 साल का एक्शन प्लान

पटना में जल की निकासी के लिए बनाएं 50 साल का एक्शन प्लान

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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना और आसपास के नगरीय क्षेत्रों में जलजमाव से बचाव के लिए तात्कालिक व्यवस्था के साथ बढ़ती आबादी के लिहाज से अगले 40-50 साल की आवश्यकता का प्लान बनाने का आदेश दिया है। बुधवार को  जलजमाव से बचाव की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नाले की उड़ाही लगातार होते रहनी चाहिए ताकि फिर कभी जलजमाव की स्थिति पैदा नहीं हो। नगर विकास विभाग ने भरोसा दिया है कि 10 मई तक राजधानी के प्रमुख 9 बड़े नालों की उड़ाही हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने आर.ब्लाॅक-दीघा सड़क के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था करने का आदेश दिया ताकि, दोनों तरफ के बसे घरों में इस्तेमाल किए गए पानी की ठीक से निकासी हो सके। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना के सभी प्रमुख नालों की उड़ाही  की नियमित जांच और निगरानी करें। पिछले वर्ष हुए जलजमाव पर आई रिपोर्ट का पूरी तरह अध्ययन करके उच्चस्तरीय कमेटी के सुझावों के अनुसार काम किया जाए।  क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के अनुरूप जलजमाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। सभी सम्प हाउस की क्षमता को बढ़ाया जाए। वहां यह भी ध्यान रखा जाए कि आउट फाॅल ड्रेन से सम्प हाउस की कनेक्टिविटी में किसी प्रकार का गैप ना रहे। सम्प हाउस के लिए डेडिकेटेड फीडर के साथ वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए ।

शहर में कूड़े की डंपिंग के लिए स्थान का चयन हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी बढ़ रही है। निचले इलाकों में भी लोग बस रहे हैं। उन क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वहां पानी को जमीन के नीचे ले जाने की व्यवस्था बनाने पर भी योजना बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग की तर्ज पर ग्राउंड वाटर रिचार्ज के विकल्पों को तलाशा जाना चाहिए। पटना के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों से गंदा पानी पुनपुन के जरिए गंगा में नहीं जाना चाहिए। गंगा के पानी की शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाए। गंदे पानी को एसटीपी के माध्यम से शुद्ध कर उसका उपयोग कृषि कार्यों में किया जाए। शहर में कूड़े की डंपिंग के लिए ऐसे स्थान का चयन किया जाए जिससे लोगों को परेशानी ना हो। पटना स्मार्ट सिटी योजना  में तेजी लाई जाए।  

ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन की होगी सीसीटीवी कैमरे से निगरानी
नगर विकास सचिव आनंद किशोर ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन की हर पल मॉनिटरिंग होगी। सर्पेंटाइन नाला, बाईपास नाला, बाकरगंज नाला, सैदपुर नाला, योगीपुर नाला, बाईपास नाला, राजीव नगर नाला, आनंदपुरी नाला और मंदिरी नाले की उड़ाही कराई जा रही है। इस काम को 10 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। उड़ाही के बाद निगम, जिला प्रशासन और नगर विकास विभाग की संयुक्त टीम जाकर उसकी जांच करेगी। मानसून के दौरान 15 जून से 15 सितंबर तक और मानसून के बाद 1 अक्टूबर से 15 फरवरी तक उस पर विशेष नजर रखी जाएगी। जल संसाधन सचिव संजीव हंस ने बादशाही नाले को अतिक्रमणमुक्त कर लिया गया है।

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