Home झारखंड अब 4500 रुपये देकर तुरंत कराइए कोरोना जांच, यहां प्राइवेट लैब में सुविधा

अब 4500 रुपये देकर तुरंत कराइए कोरोना जांच, यहां प्राइवेट लैब में सुविधा

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रांची । राज्य में शीघ्र ही निजी क्षेत्र की लेबोरेटरी में भी कोरोना की जांच हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर गाइडलाइन तैयार कर रहा है। जो व्यक्ति स्वयं निजी लैब (आइसीएमआर से अनुमति प्राप्त) में जांच कराना चाहें तो करा सकते हैं। एक-दो दिनों में इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइसीएमआर) ने निजी क्षेत्र में कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपये शुल्क तय किए हैं। सरकारी क्षेत्र में इसकी निशुल्क जांच हो रही है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में राज्य में रिम्स, एमजीएम, पीएमसीएच एवं इटकी यक्ष्मा अस्पताल में कोरोना की जांच हो रही है। जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल में भी इसकी जांच शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य के तीन नए मेडिकल कॉलेजों पलामू, हजारीबाग तथा दुमका में शीघ्र ही जांच शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, वर्तमान में केवल रांची जिला रेड जोन में है। नौ जिले ऑरेंज तथा शेष सभी ग्रीन जोन में हैं। ऑरेंज जोन से ग्रीन जोन में बदलने के लिए यह जरूरी है कि वहां 21 दिनों तक कोई नया पॉजिटिव केस नहीं आया हो। धनबाद के दोनों मरीज ठीक हो चुके हैं। 21 दिनों तक वहां कोई नया केस नहीं आने पर वह जिला ग्रीन जोन में आएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 37 काटेन्मेंट जोन है, जिनमें 15 सिर्फ रांची में हैं। 

प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए बनेगा संयुक्त कार्यक्रम

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को झारखंड लाने के लिए संयुक्त कार्यक्रम बनाया जाएगा। उनके अनुसार, जो व्यक्ति अधिक कोरोना प्रभावित राज्यों से आएंगे उन्हें 14 दिनों तक अस्पतालों में क्वारेंटाइन में रहना होगा। बाकी सभी को होम कवारेंटाइन में रखा जा सकता है। 

कोरोना फैक्ट फ़ाइल

  1. झारखंड में कोरोना संक्रमण की वृद्धि दर 11.80 फीसद है।
  2. यहां 6.2 दिन में मरीज दोगुने हो जा रहे हैं।
  3. रांची में कोरोना की वृद्धि दर 18.3 तथा हिंदपीढ़ी में 11.3 फीसद है। क्रमशः चार दिन तथा 6.63 दिन मरीज दोगुने हो रहे हैं।
  4. झारखंड में कोरोना से मृत्यु की दर 2.80 फीसद है।

ऑरेंज जोन में 21 दिनों तक कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला तो होगा ग्रीन जोन

स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों के रेड, ऑरेंज एवं ग्रीन जोन जारी किए गए हैं। झारखंड में रांची को रेड जोन में रखा गया है , वहीं नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है। इसके साथ ही बाकी सारे जिले ग्रीन जोन में है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वैसे जिले जो ऑरेंज जोन में है यदि वहां 21 दिनों तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिलता है तो उसे ग्रीन जोन में डाल दिया जाएगा। श्री कुलकर्णी ने आज आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल  के साथ  प्रोजेक्ट भवन में मीडिया को संबोधन के क्रम में उक्त बातें कहीं।

कंटेन्मेंट जोन में लॉक डाउन का कड़ाई से कराया जा रहा पालन

नितिन मदन कुलकर्णी ने  बताया कि राज्य में अभी कुल 33 कंटेनमेंट जोन निर्धारित किए गए हैं, जिसमें से 15 रांची में है। इन कंटेन्मेंट जोन में लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इन जगहों से न किसी को बाहर जाने न ही किसी को  अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे है। राज्य में फेस मास्क, पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसे प्रत्येक जिला में भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही इनका केंद्र में भी स्टॉक रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित को उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 के जांच हेतु 4 जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं। राज्य के  3  मेडिकल संस्थानों में भी लैबोरेट्री का निर्माण कराया जा रहा है, जो जल्द ही तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही आईसीएमआर द्वारा कुछ प्राइवेट जांच घरों को अनुमति देने हेतु कार्य किया जा रहा है । जहां वैसे लोग जो अपना खुद से टेस्ट करवाना चाहते हैं वह टेस्ट करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी कोरोना के 84 एक्टिव केस हैं, राज्य का डेथ रेट 2.80% है । मरीजों की सही से देख भाल हो सके इस हेतु राज्य में अभी 206 वेंटिलेटर बेड भी उपलब्ध हैं।

झारखंड के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में झारखंड के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए मापदंडों के अनुरूप ही उनके आवागमन हेतु तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अन्य राज्यों द्वारा भी यह कहा गया है कि जो लोग दूर के राज्यों में फंसे हैं उनको राज्य में वापस लाने में बस की सुविधा पर्याप्त नहीं होगी इस हेतु राज्य सरकारों ने कुछ स्पेशल ट्रेन चलाने की बात केंद्र सरकार से की है। लेकिन जो राज्य झारखंड के सटे हैं जहां से बसों से आवागमन की सुविधा की जा सकती है। वहां के लिए राज्य सरकार तैयारियां कर रही है। इस हेतु विभाग द्वारा आज से ही बसें भेजनी की तैयारियां की जा रहीं है।

राज्य सरकारें आपस में समन्वय कर रही हैं कि उनके राज्य के वैसे लोग जो झारखंड में फंसे हैं, झारखंड से जाने वाली बसें उन्हें लेकर जाएंगी तथा वहां से झारखंड के वैसे लोगों को वापस लाने का कार्य करेंगी जो उस राज्य में फंसे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद वापस आने वाले लोगों की सबसे पहले स्क्रीनिंग की जाएगी और आवश्यकता अनुसार होम क्वॉरेंटाइन या  क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। अपना क्वॉरेंटाइन पूरा करने के बाद ही वे घर जा सकेंगे अथवा सामान्य रूप से रह पाएंगे।

सतर्क रहें इंसीडेंट कमांडर

उपायुक्त  राय महिमापत रे ने रांची जिला के सभी अंचल अधिकारियों के साथ एक बैठक कर कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिया।  उपायुक्त  ने कहा कि  अपने-अपने अंचल में आप सभी  अंचल अधिकारी इंसीडेंट कमांडर नियुक्त किए गए हैं। इंसीडेंट कमांडर के कार्य एवं दायित्व का निर्वहन आप पूरी निष्ठा से करें। कार्य निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जहां भी कोविड-19 से ग्रसित मरीज  हैं, वहां माइक्रो कंटेन्मेंट ज़ोन और बफर जोन बनाया गया है। माइक्रो काँटेन्मेंट ज़ोन में पड़ने वाले सभी घरों के लोगों की कोविड-19 जांच  की जाएगी, 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रखा जाना है ताकि संक्रमण की कोई भी संभावना उत्पन्न न हो। किसी भी प्रकार का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। विशेष स्वास्थ्य संबंधी प्राणरक्षक सेवाओं को आवश्यकतानुसार मुहैया कराने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है। विशेष परिस्थिति में विवेकानुसार निर्णय लेना उचित होगा।स्वास्थ्यकर्मी एवं सफाईकर्मी भी इंसीडेंट कमांडर की अनुमति के बाद ही आना जाना कर सकेंगे।बफर जोन में रिस्ट्रिक्टेड मूवमेंट के संचालन का जिम्मा भी इंसीडेंट कमांडर को दिया गया है।

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