Home बड़ी खबर बिहार लौटने वाले कामगारों की दक्षता का होगा सर्वे होगा: नीतीश कुमार

बिहार लौटने वाले कामगारों की दक्षता का होगा सर्वे होगा: नीतीश कुमार

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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना महामारी के कारण अन्य प्रदेशों से घर लौटने वाले कामगारों की दक्षता का सर्वे कराने का निर्देश दिया है ताकि उनकी क्षमता का सदुपयोग हो सके।
 
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार और आपदा प्रबंधन विभाग के नोडल पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित विभागों के अधिकारियों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप महानिरीक्षकों, सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ प्रवासी लोगों के बिहार आने की संभावना एवं उसकी तैयारी की समीक्षा की।  ट्रेन से दूसरे राज्यों से आने वाले बिहार के लोगों को जिला मुख्यालय से ब्लाक क्वारेंटाइन सेंटर तक ले जाने की व्यवस्था पर खास चर्चा की गई और क्वारेंटाइन सेंटर में पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गये। 

अनुपम कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि जो भी श्रमिक बिहार आ रहे हैं उन सभी का स्किल सर्वे कराया जाय और उनकी दक्षता के हिसाब से उन्हें काम का मौका दिया जाए । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को जिला स्तर पर कोरोना संक्रमण की जांच की सुविधा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। 
 
1410 क्वारेंटाइन सेंटर में 13300 लोग रह रहे हैं
 सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव ने बताया कि अभी 201 आपदा राहत केंद्र चल रहे हैं। इन राहत केंद्रों में दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा-ठेला चालक समेत अन्य जरूरतमंदों को रहने, खाने और इलाज की सुविधा मिल रही है। यहां ऐसे लोगों की संख्या 72 हजार से ज्यादा है। इसी तरह पंचायतों में स्कूल या अन्य स्थानों पर बने 1410 क्वारेंटाइन सेंटर में 13300 लोग रह रहे हैं।

साढ़े 18 लाख आवेदकों के खाते में एक हजार रुपये भेजी गई 
कुमार ने बताया कि लॉक डाउन के कारण अन्य प्रदेशों में फंसे एक लाख 35 हजार कॉल या संदेश प्राप्त हुआ है, जो 15 लाख 45 हजार लोगों से संबंधित है । ऐसे लोगों को वहां की सरकार और स्थानीय प्रशासन के जरिए मदद पहुंचाई जा रही है। इसी तरह मुख्यमंत्री विशेष सहायता के तहत ऐसे लोगों को एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं और इसके लिए अब तक 29 लाख 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 18 लाख 57 हजार आवेदकों के खाते में 1000 की राशि भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि बिहार फाउंडेशन के सहयोग से नौ राज्यों के 12 शहरों में चलाए जा रहे 55 राहत केंद्रों के जरिए 14 लाख 17 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं।

लॉक डाउन उल्लंघन में 30 मामले दर्ज, 50 गिरफ्तार
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार ने बताया कि बिहार में लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस पूरी तत्परता से काम कर रही है। लॉक डाउन का उल्लंघन करने के मामले में पिछले 24 घंटे में 30 मामले दर्ज किए गए हैं और 50 लोग गिरफ्तार किये गये हैं। इस दौरान 1529 वाहन जब्त किए गए और उनके मालिक से 32 लाख 97 हजार रुपये जुमार्ने के तौर पर वसूल किए गए। इस तरह लॉक डाउन के दौरान अब तक जब्त वाहनों के जरिये 11 करोड़ 84 लाख 17 हजार रुपये की वसूली की गई है। 

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