Home बड़ी खबर पीयर-साहेबगंज में लॉकडाउन के दौरान अपराध लॉक, जानें यहां क्या है स्थिति

पीयर-साहेबगंज में लॉकडाउन के दौरान अपराध लॉक, जानें यहां क्या है स्थिति

5 second read
0
0
7,066

मुजफ्फरपुर। लॉकडाउन के दौरान जिले के पीयर व साहेबगंज थाना ने नई मिसाल पेश की है। इस अवधि में इन थाना क्षेत्रों में एक भी अपराध की घटनाएं नहीं घटीं। वहीं, कोई भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इससे पहले हर माह कम से कम 10 से 15 अपराध की घटनाएं होती थीं। इनमें डकैती व अन्य अपराध यहां आम बात थी।

घटनाओं में काफी कमी आई

जिले के शहरी थाना क्षेत्र में भी अपराध की घटनाओं में काफी कमी आई है। लॉकडाउन में एक बड़ी आपराधिक घटना में सदर थाना क्षेत्र में बैंक लूट हुई। नगर थाना क्षेत्र में भूमि विवाद में फायङ्क्षरग हुई। मार्च में जहां पूरे जिले के थानों में 478 प्राथमिकी दर्ज की गईं, वहीं अप्रैल में लगभग 325 हैं। इस दौरान बंद घर चोरों के निशाने पर रहे। शहरी व ग्र्रामीण क्षेत्रों में चोरी की लगभग दो दर्जन घटनाएं हुईं। वहीं साइबर फ्रॉड गिरोह ने करीब दर्जनभर लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खाते से रुपये उड़ाए। सिटी एसपी नीरज कुमार ने बताया कि बैंक लूटकांड का उद्भेदन किया जा चुका है। पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर 6.50 लाख से अधिक की राशि बरामद की जा चुकी है। अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए थानाध्यक्षों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

थानों में आपराधिक घटनाओं की स्थिति

करजा थाना

लॉकडाउन में 22 मार्च से 30 अप्रैल तक शराब कांड के तीन, चोरी के दो, साधारण अपहरण का एक, मारपीट के 14 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान हत्या व लूट का कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया।

लॉकडाउन से पूर्व : 1 से 21 मार्च तक थाने में चोरी के आठ, साधारण अपहरण का एक, शराब कांड के दो, दुर्घटना का एक व मारपीट के 11 मामले दर्ज किए गए।

सकरा थाना

लॉकडाउन में मझौलिया के एक युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई, बरियारपुर में दवा व्यवसायी राजापाकड़ निवासी मिथिलेश प्रसाद सिन्हा से लूटपाट और ढोली बाजार में दुकान का ताला काटकर नौ लाख के कपड़े की चोरी की प्राथमिकी दर्ज की गई।

लॉकडाउन से पूर्व : बाजीराउत निवासी अरुण साह को सुजावलपुर स्थित कबाड़ दुकान से दो करोड़ के गांजा के साथ पकड़ा गया था। अपराधियों ने पिस्तौल के बल सबहा-बाजी जाने वाली सड़क के लहुरना पुल के पास मो.आसिफ से 60 हजार रुपये लूट लिए थे। हाजीपुर सरैया निवासी घनश्याम ठाकुर को पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया। मीरापुर में 48 कार्टन शराब के साथ धंधेबाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 15 फरवरी से 23 मार्च तक मात्र एक लूट की घटना हुई।

पीयर थाना

लॉकडाउन में अब तक कोई भी आपराधिक घटना नहीं हुई।

साहेबगंज थाना

22 मार्च से 30 अप्रैल के बीच साहेबगंज में नहीं हुई कोई आपराधिक घटना।

औराई थाना

आपसी मारपीट व छोटी-मोटी चोरी की घटनाएं ही दर्ज की गईं। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि लॉकडाउन के बाद अपराध की बड़ी घटनाओं में कमी आई है।

कुढऩी : लॉकडाउन और इससे पहले के आंकड़े बताते हैं कि कुढऩी थाना अंतर्गत तुर्की ओपी, फकुली ओपी व कुढऩी थाने में आपराधिक मामले में कमी आई है। फरवरी में 65, मार्च में 69, जबकि अप्रैल में 53 मामले दर्ज हुए।

मनियारी : प्रति माह आपराधिक व सामान्य घटनाओं समेत 28-30 प्राथमिकी दर्ज होती थीं। वहीं, 22 मार्च से लॉकडाउन के दौरान अबतक एक दर्जन आपराधिक घटनाएं दर्ज की गईं।

मीनापुर : लॉकडाउन के दौरान कोई बड़ी घटना नहीं हुई। 22 अप्रैल को थाना क्षेत्र के मूसाचक गांव में हत्या व मीनापुर चौक पर किराना दुकान में चोरी के अलावा कोई घटना नहीं हुई।

बोचहां : एक हत्या के अलावा कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं हुई। दो चोरी की वारदात भी हुईं।

गायघाट : लॉकडाउन के पूर्व 20 मार्च को एक्सिस बैंक में लूट हुई। लॉकडाउन की अवधि में कोई बड़ी वारदात नहीं हुई। इस अवधि में बेनीबाद ओपी क्षेत्र में आभूषण दुकान में चोरी हुई।

मोतीपुर : थाना क्षेत्र में 22 मार्च से 30 अप्रैल तक अपराध की कोई घटना नहीं हुई। लॉकडाउन के दौरान कथैया थाना क्षेत्र के हरदी में 11 अप्रैल को डॉ.गुडडू ठाकुर के छह वर्षीय पुत्र पवन की गला रेतकर हत्या कर दी गई। पानापुर ओपी क्षेत्र में 18 अप्रैल को एक ट्रक शराब बरामद की गई। वहीं, लॉकडाउन से पूर्व 21 मार्च को महवल के पास ट्रक पर लदी 670 कार्टन शराब और 22 मार्च को बरियारपुर मठिया में 147 कार्टन शराब बरामद की गई। 

Load More By Bihar Desk
Load More In बड़ी खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सीएम नीतीश ने दी बधाई, कही ये बात, पढ़ें

बिहार के सीएम ने  बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को बिहार के रा…