Home बिहार की शान हंदवाड़ा में शहीद संतोष कुमार मिश्रा के चार साल के बेटे ने जब दी पिता को मुखाग्नि, रो पड़ा पूरा गांव

हंदवाड़ा में शहीद संतोष कुमार मिश्रा के चार साल के बेटे ने जब दी पिता को मुखाग्नि, रो पड़ा पूरा गांव

6 second read
0
0
183

गया। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में हुए आतंकी मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए बिहार के लाल औरंगाबाद के सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल शहीद संतोष कुमार मिश्रा का पार्थिव शरीर विशेष विमान से आज गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। जहां सीआईएसएफ के आईजी राजकुमार, डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी राजीव मिश्रा, एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत कुमार व इंस्पेक्टर पीयूष कुमार ने श्रद्धांजलि दी। उसके बाद तिरंगे में लिपटा शव औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड के देवहारा उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हुआ, जहां आज राजकीय समारोह के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

शव पहुंचने पर पूरा गांव शहीद के अंतिम दर्शन को उमड़ा पड़ा। जिस रास्ते से उनके शव का वाहन लाया जा रहा था सड़क के दोनों ओर काफी संख्या में लोग खड़े थे। भारत मात की जय के जयकारे से पूरा इलाका गूंज रहा था। शहीद संतोष अमर रहें के नारे लग रहे थे। शव के घर पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई। शहीद को पूरे गांव ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। फिर पूरी सम्मान के साथ शहीद संतोष मिश्रा का अंतिम संस्कार किया गया। जब उनके चार साल के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी, पूरा गांव ये दृश्य देखकर रो पड़ा।

हंदवाड़ा आतंकी मुठभेड़ में हुए शहीद

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके में हुए आतंकी मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गए थे, जिसमें बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड के छोटे से कस्बे देवहरा बाजार निवासी स्वर्गीय जगमोहन मिश्र के सुपुत्र संतोष मिश्रा भी शहीद हो गए थे। बता दें कि नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के एक नाके पर आतंकियों ने हमला कर दिया था जिसका हमारे जवानों ने डटकर जवाब दिया था।

सीआरपीएफ जवान संतोष मिश्रा 92 बटालियन में थे और 2004 में उन्होंने सेना ज्वाइन किया था। तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर रहे संतोष की शादी 2009 में आरा जिले के बजनिया गांव में हुई थी। उनकी पत्नी का नाम दुर्गा देवी है और दोनों का चार साल का एक बेटा आदर्श है,जो देवहरा में ही परिजनों के साथ रहते हैं। शहीद संतोष मिश्रा के बड़े भाई का नाम विजय और छोटे का नाम मंतोष मिश्रा है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

संतोष की शहादत की खबर गांव में पहुंचते ही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद संतोष के प्रति गहरा शोक जताते हुए कहा कि शहीद की शहादत को हमारा देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा था कि गर्व है कि बिहार के एक सपूत ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी जान गंवा दी। उनकी शहादत को बिहार हमेशा याद रखेगा।

गया एयरपोर्ट पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए औरंगाबाद के दाउदनगर स्थित गांव के निवासी सीआरपीएफ जवान संतोष कुमार मिश्र शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर बुधवार को गया एयपोर्ट पर लाया गया, जहां सीआरपीएफ के आइजी व डीआइजी तथा मगध प्रमंडल के आयुक्त व गया के जिलाधिकारी सहित अनके वरीय अधिकारियों व जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफर ऑनर दिया। वहां से शहीद का पार्थिव शरीर विशेष वाहन से उनके पैतृक घर ले जाया जाए रहा है। इसके बाद राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गांव में गम का माहौल, घर पर लगा लोगों का तांता

संतोष के शहीद हो जाने की खबर फैलते ही उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। पत्नी दुर्गावती देवी, मां मालती कुंवर, बड़े भाई विजय मिश्र, छोटे भाई मंतोष मिश्र, बहन रेणु, आरती व रानी समेत अन्य स्वजनों के आंसू नहीं थम रहे। पिता संतोष योगेंद्र मिश्र अब नहीं रहे। सोमवार की शाम से शुरू हुआ करुण-क्रंदन लगातार जारी है। स्वजनों के अलावा गांव का हर शख्स अपने शहीद सपूत का पार्थिव शरीर देखने के लिए भाव-विह्वल दिख रहा है। नौजवानों की आंखों में आतंकियों के खिलाफ आक्रोश की चिंगारी भड़क रही है।

बार-बार बेहोश हो रहीं पत्‍नी, बोलीं- शहादत पर गर्व

शहीद की पत्नी अपने तीन साल के बेटे आदर्श के चेहरे को निहारते हुए बार-बार अचेत हो जा रही हैं। होश में आने पर पति को खोजने लगती हैं। फिर पति की शहादत पर गर्व भी करती हैं, लेकिन भविष्‍य की चिंता करते हुए फिर बेहोश हो जाती हैं। बताती हैं कि फोन पर बात कर ड्यूटी पर गए थे, लेकिन कुछ ही देर बाद शहादत की खबर आ गई। संतोष की शादी 2010 में भोजपुर जिले के बजरिया गांव में शिवकुमार पांडेय की पुत्री दुर्गावती से हुई थी।

गम में बेसुध पड़ी मां, बोली- देश लेगा बदला

बुजुर्ग मां को भी अपने सपूत की शहादत पर गर्व है, लेकिन गम में बेसुध पड़ी हैं। उन्‍होंने कहा कि देश इसका बदला जरूर लेगा। घरवालों ने बताया कि संतोष अक्टूबर में एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। घर पर छुट्टी बिताने के बाद वह आठ नवंबर को ड्यूटी के लिए गए थे।

Load More By Bihar Desk
Load More In बिहार की शान

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सीएम नीतीश ने दी बधाई, कही ये बात, पढ़ें

बिहार के सीएम ने  बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को बिहार के रा…