Home झारखंड रांची:लगातार कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के साथ रहने पर भी नहीं फैल रहा वायरस

रांची:लगातार कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के साथ रहने पर भी नहीं फैल रहा वायरस

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कोरोना मरीजों के नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों को भी संक्रमण नहीं हो रहा है। झारखंड के कई मरीजों के साथ ऐसे मामले मिले हैं। नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों को भी संक्रमण नहीं होते देख डॉक्टर हैरान हैं। उनके लिए कोरोना का असर और संक्रमण अबूझ पहेली बने हुए है। रिम्स के मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रो डॉ जेके मित्रा कहते हैं कि कोरोना का असर और संक्रमण के लक्षण समझ में ही नहीं आ रहे हैं। यह शोध का विषय है। इसको लेकर ऑब्जर्वेशन किया जा रहा है।

राज्य में कोरोना का सबसे पहला संक्रमण हिंदपीढ़ी से पकड़ी गई तबलीगी जमात की एक मलेशियाई महिला में मिला था। महिला के साथ ही उसका पति भी था। महिला को जब एंबुलेंस से रिम्स लाया गया तो पति भी साथ था। महिला को जब रिम्स के कोविड सेंटर में भर्ती किया जा रहा था तो वह अपने पति से लगकर रो रही थी। खेलगांव से लेकर रिम्स तक लगभग चार घंटे के ड्रामे के बाद महिला को भर्ती किया जा सका था। बावजूद इसके दो दफे की जांच के बावजूद महिला के पति में संक्रमण नहीं मिला। महिला ठीक होकर डिस्चार्ज हो गई।

हिंदपीढ़ी के एक परिवार के आठ सदस्य साथ रहते थे। इनमें एक 54 वर्षीय महिला छह अप्रैल को पॉजिटिव पायी गई। 9 अप्रैल को महिला का पति, तीन बेटा, एक बहु और एक पोता (परिवार के पांच लोग) पॉजिटिव पाए गए। दो दिन बाद पति की कोरोना से मौत हो गई। इसके तीन दिन बाद महिला की भी मौत हो गई। लेकिन अचरज की बात यह है कि महिला का दूसरा पोता और एक बहु को संक्रमण छू न सका। जबकि ये लोग भी साथ रहते थे। पॉजिटिव पाए गए चार सदस्य भी ठीक हो चुके हैं।

हिंदपीढ़ी की एक कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव पिछले 15 अप्रैल को सदर अस्पताल में कराया गया। उसका पति भी संक्रमित था। अस्पताल में पति-पत्नि के संपर्क में आए चार स्वास्थ्यकर्मी और एक सुरक्षा कर्मी भी संक्रमण की चपेट में आ गये। नवजात के साथ पति-पत्नी को रिम्स में भर्ती कराया गया। महिला लगातार बच्ची को दूध पिलाती रही। लेकिन बच्ची संक्रमण मुक्त है। पति पत्नी भी ठीक हो चुके हैं। इस तरह के दो और मामले रिम्स में मिले। इन संक्रमित महिलाओं का भी प्रसव हुआ लेकिन उनके शिशु निगेटिव रहे।

मलेरिया प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बदलाव
कोविड 19 के नोडल अफसर रिम्स के टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ ब्रजेश मिश्रा कहते हैं कोरोना का बदलता स्वरूप आश्चर्यचकित करता है। झारखंड मलेरिया प्रभावित राज्य है। यहां इसकी वजह से भी कोरोना के असर में परिवर्तन हो सकता है। नवजात के बारे में डॉ मिश्रा कहते हैं कि शोध में पाया गया है कि संक्रमित महिला के गर्भ से जन्म लेने वाले शिशु में संक्रमण नहीं होता है। वहीं मां के दूध में भी संक्रमण नहीं पाया गया है।

कई कारणों पर निर्भर करता है संक्रमण
रिम्स के मेडिसिन एचओडी डॉ जेके मित्रा कहते हैं कि संक्रमण का प्रसार कई कारणों पर निर्भर करता है। मरीज के साथ कितनी देर का और किस प्रकार का कांटैक्ट है। संपर्क में आए लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसी है। इस पर भी संक्रमण निर्भर करता है। बावजूद इसके इस तरह के मामले शोध का विषय तो जरूर है।

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