Home बड़ी खबर औसत खपत के आधार पर बिजली बिल, फिक्स चार्ज माफ करने पर फैसला जल्द

औसत खपत के आधार पर बिजली बिल, फिक्स चार्ज माफ करने पर फैसला जल्द

4 second read
0
0
304

पटना। बिहारा में लॉकडाउन के दौरान बंद पड़े होटल, उद्योग, दुकानों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को एवरेज खपत के आधार पर बिजली बिल दिया जा रहा है। आगे खपत के अनुसार बिल का सामंजस्य किया जाएगा। व्यवसायियों की परेशानी को देखते हुए विद्युत विभाग की ओर से फिक्स चार्ज पर भी कोई निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान आने वाले बिल और एरियर का किस्तों में भी भुगतान किया जा सकता है।

लॉकडाउन में भी चार हजार मेगावाट की खपत

राज्‍य के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ये जानकारी दैनिक जागरण की ओर से व्यवसायियों के साथ आयोजित वेबिनार में कही। उन्‍होंने बताया कि सरकार बिजली खरीदकर व्यवसायियों को उपलब्ध करा रही है। लॉकडाउन में भी राज्य में चार हजार मेगावाट की खपत है।

मांग के अनुरूप होगी विद्युत आपूर्ति

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि गर्मी के दिनों में विद्युत की जितनी भी मांग होगी, उसे पूरा किया जाएगा। पिछले वर्ष मांग छह हजार मेगावाट मांग थी। राज्य के हर घर में बिजली पहुंच गई है। 1.61 करोड़ उपभोक्ता हो गए हैं। गर्मी में आपूर्ति को लेकर कोई समस्या नहीं रहेगी। आंधी-पानी में संचरण लाइन ध्वस्त होने की स्थिति में इमरजेंसी सेवा बहाल रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ता समय पर बिल जमा करते रहें, ताकि बिजली उपलब्धता में कोई परेशानी नहीं हो।

ऊर्जा मंत्री ने व्‍यवसायियों के सवालों के दिए जवाब

वेबिनार में ऊर्जा मंत्री ने व्‍यवसायियों की जिज्ञासाओं काे शांत किया तथा के सवालों के जवाब दिए। आइए डालते हैं कुछ पर नजर…

– भारत सरकार की गाइडलाइन है। विद्युत फिक्स चार्ज के अलावा सभी तरह के चार्ज एक जून तक माफ करें। एरियर को भी मार्च 2021 तक रोक दिया जाए। – अशोक कुमार वर्मा (अध्यक्ष, कैट)

मंत्री : फिक्स चार्ज को लेकर बिहार सरकार को कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। भारत सरकार से जैसे ही प्रस्ताव आएगा, राज्य सरकार निर्णय लेगी। लॉकडाउन के दौरान होने वाले एरियर पर विचार किया जाएगा।

– लॉकडाउन में बिजली का उपयोग नहीं हुआ है। ऐसे में फिक्स चार्ज लेना उचित नहीं है। अन्य राज्य भी माफ कर रहे हैं। बिल जमा करने के लिए तीन माह का समय दिया जाए। – रामलाल खेतान (अध्यक्ष, बीआइए)

मंत्री : इस मामले में विचार किया जाएगा।

– कामगार माइग्रेट कर रहे हैं। जो उद्योग चल रहे हैं, उन्हें बिजली बिल में 25 फीसद छूट मिले, ताकि उन्‍हें रोजगार मिल सके। -पीके अग्रवाल (अध्यक्ष, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स)

मंत्री : बिजली खरीदकर आपूॢत की जाती है। राज्य सरकार भुगतान करती है। यदि हर चीज में छूट मिलेगी तो कैसे होगा? मामले को देखा जाएगा।

– वर्तमान समय में एवरेज बिल राहत की जगह टॉर्चर की तरह है। इससे ज्यादा विद्युत बिल का भुगतान करना पड़ेगा। उड़ीसा, राजस्थान, पंजाब ने छूट दी है। यहां भी छूट दी जाए। – अनिल चमडिय़ा (कटिहार), गोपाल प्रसाद पटवा (गया)

मंत्री : एवरेज बिल को लेकर विचार किया जाएगा। लॉकडाउन के बाद यदि खपत से अधिक बिल रहेगा तो उसका सामंजस्य कर लिया जाएगा।

– बिजली विभाग ने उद्योगों को दो श्रेणी में बांटा है। इसमें बड़े व छोटे आटा मिल का एक ही चार्ज है। इससे खर्च काफी बढ़ रहा है। -अनिल कुमार सिंह (सुपौल)

मंत्री : विद्युत बिल खपत के आधार पर लिया जाता है। ऐसे में उपयोग के हिसाब से दर तय होती है। गरीब-अमीर का भेद नहीं होता है।

– लॉकडाउन में दुकानों का बिल माफ किया जाए। बांका जिले में किसानों को कनेक्शन नहीं मिल रहा है। -श्याम भीमसेरिया (गया)

मंत्री : फिक्स चार्ज को लेकर अस्पताल या होटल हो, सभी पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। किसानों की समस्या पर आवेदन दें। कार्रवाई होगी।

– लॉकडाउन के पहले के बकाया को लेकर कार्रवाई हो। -सचिन (सुपौल)

मंत्री : पहले के बकाया पर कोई विचार का प्रश्न नहीं है। लॉकडाउन के दौरान के ही बकाया पर विचार होगा।

वेबिनार में ये भी रहे शामिल

सुभाष पटवारी (पटवारी स्टील), कमल नोपानी (चेयरमैन, कैट), संजय भरतिया, दिनेश टिबरीवाल (बेगूसराय), अनिल कुमार सिंह, विभोर सिंह आदि।

Load More By Bihar Desk
Load More In बड़ी खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत आमाघाटा मौजा में 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बेनामी जमीन का हुआ खुलासा

धनबाद : 10 एकड़ से अधिक भूखंड का कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है. बाजार दर से इस जमीन की क…