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कोरोना मुक्ता हुआ बोकारो;जल्द होगा ग्रीन जोन में शामिल:झारखंड

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बोकारो जिला कोरोना मुक्त हो गया है। गोमिया के साड़म और चंद्रपुरा के तेलो निवासी तीन कोरोना संक्रमितों को ठीक होने के बाद गुरुवार को अस्पताल से विदा किया गया। इससे कोरोना मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों ने राहत की सांस ली। 

गोमिया प्रखंड के साड़म गांव के दो और चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो के एक  संक्रमित का बोकारो जनरल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा था। लगातार तीन बार कोरोना संक्रमण की जांच की गई। सभी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद तीनों को विदा किया गया।अस्पताल से बाहर आने पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने ताली बजाकर कोरोना को मात दे चुके तीनों युवकों को विदाई दी गई। उपायुक्त मुकेश कुमार ने युवकों को को फल, सब्जी, राशन, दवा और प्रमाण पत्र देकर विदा किया।  सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार पाठक ने बताया कि सभी को जिला प्रशासन की ओर से बस से घर तक छोड़ा गया। वहीं, कोरोना को मात देने वाले युवकों ने कहा कि चिकित्सकों के  इलाज और सेवा भाव से ही वे कोरोना को मात दे सके। तीनों को 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई। मौके पर एसडीओ चास शशि प्रकाश सिंह,अस्पताल निदेशक डॉ एके सिंह, डॉ. आरके गौतम, डीएसओ डॉ अजीत  सिंह मौजूद थे।

जिले में संक्रमित मरीजों की सही तरीके से पहचान होने के कारण उनके ठीक होने की रफ्तार अधिक रही है। जिले में गोमिया के साड़म, चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो और पीपराडीह के अलग-अलग परिवार से ही 10 कोरोना पॉजिटिव के केस मिले थे। साथ ही प्रशासन की सख्ती और सुरक्षा के कारण किसी भी इलाके से कोरोना संक्रमण के नए मामले नहीं मिले। 10 में से 9 मरीजों ने कोरोना को मात देने में कामयाबी हासिल की है। मिले कुल पॉजिटिव केस में सिर्फ एक की मौत हुई है। 

जिले में पहला कोरोना पॉजिटिव (महिला) चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो गांव में 5 अप्रैल को मिला था, जिसका ताल्लुकात दिल्ली मरकज से था। तीन पॉजिटिव केस 8 अप्रैल को पाया गया जो एक ही परिवार के सदस्य थे। इसी प्रखंड के पीपराडीह गांव में 10 अप्रैल को एक कोरोना पॉजिटिव सामने आया। गोमिया प्रखंड के साड़म चटनियाबागी में एक ही परिवार के पांच कोरोना की चपेट में आए थे। बोकारो जनरल अस्पताल में इलाजरत एक बुजुर्ग की मौत 8 अप्रैल की मध्य रात्रि में हो गई थी। 12 अप्रैल को मृतक के भाई और भतीजे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उसके बाद 14 अप्रैल को मृतक के छोटे भाई कोरोना पॉजिटिव मिला। अंतिम पॉजिटिव केस 20 अप्रैल को मिला जो मृतक का भाई था।बोकारो जनरल अस्पताल की तरह सदर अस्पताल में भी कोई कोरोना संदिग्ध भर्ती नहीं है। अस्पताल की निदेशक डॉक्टर रेणु भारती ने बताया कि सदर अस्पताल में अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्ध भर्ती थे। लेकिन, सौभाग्य है कि सैंपल जांच के एक भी पॉजिटिव नहीं मिले। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों का चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बेहतर तरीके से देखभाल कर रहे थे

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