Home बड़ी खबर बिहार के सीनियर डॉक्टरों ने कहा, जून-जुलाई में कोरोना के मरीज बढ़ेंगे नहीं, घटने शुरू होंगे

बिहार के सीनियर डॉक्टरों ने कहा, जून-जुलाई में कोरोना के मरीज बढ़ेंगे नहीं, घटने शुरू होंगे

5 second read
0
0
278

पटना। एम्स, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने एक दिन पूर्व कहा कि भारत में कोरोना पॉजिटव की संख्या जून-जुलाई में बढ़ेगी, जबकि इस तथ्य को बिहार के प्रमुख डॉक्टरों ने नकार दिया है। बिहार के डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना संक्रमण का लक्षण सामान्य है और सरकार व स्वस्थ्यकर्मियों व अन्य लोगों की पहल से इसका प्रभाव दिनोंदिन कम होगा। 

वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. अजय कुमार ने कहा कि डॉ. रणदीप गुलेरिया के इस बयान का आधार क्या है, उन्होंने इसके लिए आंकड़े कहां से लाये, इसकी कोई जानकारी नही है। इसे सामान्यीकृत तरीके से सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। देश के विभिन्न प्रान्तों में ही कोरोना का अलग-अलग प्रभाव है। गुजरात और महाराष्ट्र में जितने मरीज मिले हैं, उतने बिहार में नहीं मिले। सिर्फ अनुमान से पूरे देश को दहशत में नहीं लाया जाना चाहिए। देश के हर क्षेत्र में लोगों की इम्युनिटी का स्तर भी भिन्न है। लॉकडाउन के कारण पहले से काफी सावधानी बरती जा रही है। जून-जुलाई से संक्रमण की दर घटेगी। 

वहीं, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार ठाकुर ने कहा कि 1918 के स्पेनिश फ्लू से लाखों लोग मरे थे, उसकी तुलना आज की स्थिति से नहीं की जा सकती है। आज लोग अधिक जागरूक हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक है। यह जून से कोरोना प्रकोप कम होना शुरू हो जाएगा, जबकि अगस्त और सितंबर से यह किनारे हो जाएगा। इसका लक्षण कॉमन इन्फ्लूएंजा की तरह है। अगर पूर्व से कोई गंभीर रोग से पीड़ित है, उसे ही ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है।  

जून में कोरोना का संक्रमण स्थिर हो जायेगा : डॉ. अमरकांत
आईएमए, बिहार के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अमरकांत झा अमर ने कहा कि जून में कोरोना का संक्रमण स्थिर हो जायेगा। इसके बाद इसमें उत्तरोत्तर घटोत्तरी होगी। तबतक सितंबर तक इसके टीका का भी इजाद हो जाएगा। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा टीका का परीक्षण तीसरे चरण में है। वहीं, विश्व के अन्य देशों में भी कोरोना के टीका के निर्माण की तैयारी जोरों पर है। कोरोना कोई डेंगू जैसा वायरस नहीं है, जिसकी दवा अबतक नही बन पाई है। कोरोना के सभी सूत्रों को वैज्ञानिकों ने खोज लिया है। अब टीका को लेकर कार्य हो रहा है, इसके नतीजे बेहद सफल है। वहीं, बिहार के लोगों की इम्युनिटी अन्य प्रदेशों से अलग है। खानपान, रहन सहन अलग है। दरअसल कोरोना सब क्लीनिकल इन्फेक्शन वाला वायरस है, इसलिए यह जल्द ही समाप्त होगा। 

कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं : सहजानंद
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि इंग्लैंड व अमेरिका से भारत की तुलना नहीं की जा सकती है। अगर ठंडे प्रदेशों में कोरोना का असर ज्यादा है तो भारत के नैनीताल व मसूरी में ज्यादा मरीज मिलने चाहिए थे। भारत में कोरोना से घबराने की जरूरत नही है। बल्कि सतर्क और सावधान रहना है। डॉक्टर, सरकार अलर्ट है, लोग जागरूक हैं, ऐसे में कोरोना संक्रमण को लेकर एम्स निदेशक के विचार से मैं सहमत नहीं हूँ।  वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू गीता मिश्र ने कहा कि अभी देश और बिहार में कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी को लेकर बोलना उचित नहीं है। बिहार में अभी बाहर से लोग आ रहे हैं। उनकी स्क्र्रींनग की जा रही है। 

Load More By Bihar Desk
Load More In बड़ी खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत आमाघाटा मौजा में 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बेनामी जमीन का हुआ खुलासा

धनबाद : 10 एकड़ से अधिक भूखंड का कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है. बाजार दर से इस जमीन की क…