Home झारखंड चापाकल घोटाले में दोषी हेडमास्टरों के खिलाफ होगा मुकदमा

चापाकल घोटाले में दोषी हेडमास्टरों के खिलाफ होगा मुकदमा

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वित्तीय वर्ष 2013-14 में जिले में हुए चापाकल घोटाले में दोषी हेडमास्टरों के खिलाफ मुकदमा होगा। हेडमास्टरों के अलावे सभी विद्यालय प्रबंधन समिति, संबंधित गलत वाउचर/ ब्योरा/आपूर्तिकर्ता के खिलाफ भी जिला कार्यक्रम समन्वयक मुकदमा दर्ज कराएंगे। सात दिन के अंदर यह कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है। बताते चलें कि चापाकल घोटाले में विभाग ने तत्कालीन डीएसई बांके बिहारी सिंह को निलंबित कर दिया है।

स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि धनबाद जिले में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में चापाकल लगवाने के मामले में बरती गई गंभीर अनियमितता एवं सरकारी राशि का दुर्विनियोग एवं क्षति के मामले में उच्चस्तरीय जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है।

14 स्कूलों की ही जांच, 130 स्कूलों का क्या होगा

चापाकल बोरिंग मामले में मुख्यालय के आदेश के बाद स्थानीय विभाग में शनिवार को संबंधित फाइलों को खंगाला गया तो यह मामला सामने आया कि 144 स्कूलों में मात्र 14 स्कूलों की ही जांच मुख्यालय व स्थानीय स्तर पर हो पाया है। 130 स्कूलों की अब तक जांच ही नहीं हो पाई है? ऐसे में 130 स्कूलों के मामले में क्या होगा? यह अधिकारी अभी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। सोमवार को इस मामले में स्थानीय स्तर पर अधिकारी मंथन करेंगे। सूत्रों का कहना है कि धनबाद के 156 स्कूलों में चापाकल बोरिंग की स्वीकृति वर्ष 2013-14 में मिली थी। उनमें से 12 स्कूलों ने राशि वापस कर दी थी। कई स्कूलों में बोरिंग में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई। मुख्यालय ने शिकायत के बाद जांच कराई तो यह पता चला कि निर्धारित फीट बोरिंग नहीं की गई। उसके बाद भी ठेकेदार को 60 हजार रुपए का भुगतान कर दिया गया। छह साल बाद राज्य मुख्यालय ने इस मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।

दोषी शिक्षक होंगे चिह्नित

स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के विशेष सचिव भीष्म कुमार ने जारी आदेश में कहा है कि दोषी शिक्षक का नाम जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक धनबाद निर्धारित करेंगे। डीसी की अध्यक्षता में बैठक कर दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। निदेशक प्राथमिक शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। यह कार्रवाई 30 मई तक पूरी करने का आदेश दिया गया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कई हेडमास्टरों के खिलाफ निलंबन या वेतन वृद्धि पर रोक समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

कई शिक्षक हो गए हैं रिटायर

शिक्षकों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि संबंधित स्कूलों में कार्यरत हेडमास्टरों में कई शिक्षक रिटायर हो चुके हैं। अब सभी की नजरें राज्य मुख्यालय व जिला कार्यालय पर टिक गई है। चापाकल बोरिंग में अनयिमितता के मामले में इंजीनियरों की भूमिका का सत्यापन राज्य परियोजना निदेशक अपने स्तर से करते हुए कार्रवाई करेंगे। यह भी चर्चा है कि 15 अलग-अलग ठेकेदारों ने चापाकल बोरिंग का कार्य किया था।

धनबाद शिक्षक नियुक्ति अनियमितता की भी खुल सकती है फाइल

धनबाद में वर्ष 2015-16 में प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता मामले की भी फाइल खुल सकती है। फर्जी कागजात के आधार पर नियुक्ति करेन का आरोप झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ मंडल ने लगाया है। फर्जी टेट प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्त 140 शिक्षकों को बर्खास्त कर जिले के विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

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