Home क्राइम पटना में बिक रहा नकली सैनिटाइजर, यूज्‍ड मास्‍क बेचने वाले भी पकड़ से दूर

पटना में बिक रहा नकली सैनिटाइजर, यूज्‍ड मास्‍क बेचने वाले भी पकड़ से दूर

7 second read
0
0
169

पटना। बिहार की सबसे बड़ी दवा मंडी पटना के गोविंद मित्रा रोड में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम में उपयोगी हैंड सैनिटाइजर (Sanitizer) में भी खेल शुरू हो गया है। बढ़ी मांग और केंद्र सरकार द्वारा सौ एमएल के लिए 50 रुपये दाम निश्चित करने के बाद भी कुछ दुकानदार नकली सैनिटाइजर की आपूर्ति कर रहे हैं। उधर, मनमाने दाम लेकर इस्तेमाल एन-95 मास्क (Used N-95 Mask) का कारोबार करने वाले चार दिन बाद भी औषधि विभाग और पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

नकली सैनिटाइजर की खुलेआम बिक्री

हैंड सैनिटाइजर में 70 से 90 फीसद तक एल्कोहल होता है। यह कोरोना वायरस के ऊपरी सतह को नष्ट कर देता है। इससे वायरस निष्प्रभावी हो जाता है। लेकिन पटना के गोविंद मित्रा रोड की दवा मंडी में नकली सैनिटाइजर की खुलेआम बिक्री हो रही है। इससे कोरोना संक्रमण की सरकार की जंग में सेंध लग रही है।

औषधि विभाग का जानकारी से इन्‍कार

हैरत की बात तो यह है कि इसकी जानकारी औषधि विभाग को नहीं है। पटना के सहायक औषधि नियंत्रक विश्वजीत दास गुप्ता ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। कुछ औषधि निरीक्षकों को जांच में लगाया गया है, जानकारी मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।

इस्तेमाल मास्क की आपूर्ति करने वाला भी फरार

बीते दिनों मनमाने दाम लेकर इस्तेमाल एन-95 मास्क (Used N-95 Mask) का कारोबार करने का मामला भी उजागर हुआ था। चार दिन बाद भी इसके आरोपित औषधि विभाग और पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। औषधि विभाग अभी यह भी पता नहीं कर सका है कि न्यू मेट्रो सर्जिकल को इस्तेमाल एन-95 मास्क की आपूर्ति करने वाला कौन है? उसने और कितनी दुकानों में इसकी आपूर्ति की है।

इस्तेमाल मास्क की बिक्री का पता लगा रहा विभाग

सहायक औषधि नियंत्रक विश्वजीत दास गुप्ता ने बताया कि टीम ऐसी अन्य दुकानों का पता लगा रही है, जिनमें इस्तेमाल मास्क बिक रहा है। वहीं मेडिकल स्टोर के संचालक और उसे मास्क आपूर्ति करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी कराने के अलावा टीम उनके बारे में जानकारी एकत्र कर रही है।

कहीं इस्तेमाल मास्क से भी तो संक्रमित नहीं हुए लोग?

डॉक्टर आशंका जता रहे हैं कि यदि कोई मास्क पूर्व में किसी ऐसे डॉक्टर या चिकित्साकर्मी ने इस्तेमाल किया हो, जिसने कोरोना आशंकित मरीज का उपचार किया हो वह कोरोना संक्रमण का कारण बन सकता है। बताते चलें कि पटना में ऐसे कई संक्रमित मिले हैं जिनकी कोई ट्रेवल या संपर्क हिस्ट्री नहीं है। ऐसे लोग डॉक्टरों के लिए गुत्थी बने हुए हैं कि उन्हें संक्रमण कहां से हुआ है।

सैनिटाइजर व मास्‍क की खरीदारी में रखें ध्यान

– 70 फीसद या उससे अधिक आइसो प्रोपिल या एथिल एल्कोहल की प्रतिशतता वाला हैंड सैनिटाइजर बेहतर।

– यह हाथों में पड़ते ही हल्की ठंडक का अहसास देता है और 20 सेकेंड में उड़ जाता है।

– जो सैनिटाइजर हाथ को गीला कर दे और देरतक रहे वह घटिया है।

– 99.9 फीसद जर्म मारने का दावा करने वाले हैंड सैनिटाइजर में लाइसेंस नंबर जरूर होगा।

– सैनिटाइजर पर लाइसेंस नंबर, निर्माता का नाम और बैच नंबर जरूर देखें, शक होने पर ऑनलाइन चेक कर इसकी शिकायत करें।

– मास्‍क खरीदारी में भी सतर्कता बरतें। जरा सा शक होने पर भी नहीं खरीदें। 

Load More By Bihar Desk
Load More In क्राइम

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

तेज प्रताप और ऐश्वर्या राय की आज मुलाकात, तलाक की बात पर होगी चर्चा ! पढ़ें

ऐश्वर्या राय के तलाक के मुकदमे में आज अहम सुनवाई का दिन है। आज दोनों के बीच मुलाकात होगी। …