Home झारखंड कोरोना हॉटस्पॉट में रहने वाले शख्स का बना ई-पास, खुलासा होते ही प्रशासन की उड़ी नींद

कोरोना हॉटस्पॉट में रहने वाले शख्स का बना ई-पास, खुलासा होते ही प्रशासन की उड़ी नींद

13 second read
0
0
127

लोहरदगा. ई-पास (E- Pass) जारी करने को लेकर लोहरदगा प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हुई. जिसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में जारी ई-पास को रद्द कर दिया. साथ ही इसकी सूचना संबंधित शख्स नूर मोहम्मद अंसारी को वॉट्सऐप और मोबाइल पर देते हुए जारी ई-पास का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया. इस मामले में लोहरदगा प्रशासन (Lohardaga Administration) ने आवेदनकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी की है.जानकारी के अनुसार रांची के कोरोना हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी से लोहरदगा जाने के लिए नूर मोहम्मद अंसारी ने ई-पास के लिए आवेदन दिया था. लेकिन आवेदक ने ई-पास के लिए भरे जाने वाले फार्म के सभी कॉलम में पूरी जानकारी ना देकर, कुछ तथ्यों को छूपा लिया. आधी-अधूरी जानकारी पर जिला प्रशासन की ओर से उसे अंतर जिला ई-पास जारी कर दिया गया. लेकिन इस लापरवाही के उजागर होने के बाद 9 मई को प्रभारी पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी पियूषा शालीनी डोना मिंज ने पास को रद्द कर दिया. साथ ही इसकी सूचना आवेदनकर्ता को देते हुए जारी पास का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया.लोहरदगा शहर के कादिर लेन अमला टोली निवासी नूर मोहम्मद अंसारी लॉकडाउन में रांची में फंस गया है. उसने लोहरदगा लौटने के लिए जिला प्रशासन को ई-पास के ऑनलाइन आवेदन दिया था. लेकिन आवेदन में अपने बारे में पूरी जानकारी नहीं दी. बावजूद इसके उसके नाम अधिकृत प्रभारी पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी पियूषा शालीनी डोना मिंज ने ई-पास जारी कर दिया. जबकि नियमानुसार कोरोना हॉटस्पॉट इलाके में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को ई-पास जारी नहीं किया जा सकता है. इस मामले में पियूसा शालीनी डोना मिंज का कहना है कि तकनीकी गलती से ई-पास निर्गत हो गया था. मामले में सुधार कर लिया गया है. यह कोई बड़ा मामला नहीं है.लोहरदगा शहर के कादिर लेन अमला टोली निवासी नूर मोहम्मद अंसारी लॉकडाउन में रांची में फंस गया है. उसने लोहरदगा लौटने के लिए जिला प्रशासन को ई-पास के ऑनलाइन आवेदन दिया था. लेकिन आवेदन में अपने बारे में पूरी जानकारी नहीं दी. बावजूद इसके उसके नाम अधिकृत प्रभारी पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी पियूषा शालीनी डोना मिंज ने ई-पास जारी कर दिया. जबकि नियमानुसार कोरोना हॉटस्पॉट इलाके में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को ई-पास जारी नहीं किया जा सकता है. इस मामले में पियूसा शालीनी डोना मिंज का कहना है कि तकनीकी गलती से ई-पास निर्गत हो गया था. मामले में सुधार कर लिया गया है. यह कोई बड़ा मामला नहीं है.गत शनिवार को यह मामला तब रांची प्रशासन के सामने आया जब नूर मोहम्मद हिंदपीढ़ी से लोहरदगा जाने के लिए निकला. लेकिन उसे हिंदपीढ़ी में बने चेकपोस्ट पर रोक दिया गया. और उसके ई पास को तत्काल रद्द कर दिया गया. रांची जिला परिवहन पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि ई पास में साफ शब्दों में लिखा हुआ रहता है कि यह कंटेनमेंट जोन के लिए प्रभावी नहीं होगा.

Load More By Bihar Desk
Load More In झारखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

जदयू के खिलाफ़ बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने की बयानबाज़ी, कही ये बात, पढ़ें

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरुआत हो गई है। 30 जून तक चलने वाले सत्र में स…