Home बड़ी खबर पुलिस लाइन के बैरक में टूट रहे सोशल डिस्टेंसिंग के सारे नियम, बैरकों में नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

पुलिस लाइन के बैरक में टूट रहे सोशल डिस्टेंसिंग के सारे नियम, बैरकों में नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

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पटना। पुलिस लाइन में मनमानी की स्क्रीनिंग हो रही है। बीएमपी में संक्रमण की कड़ी तैयार होते ही डीएम ने पुलिस लाइन में रह रहे पुलिस कर्मियों की स्क्रीनिंग का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद ही सिविल सर्जन ने आठ टीम बनाई और सोमवार को रिपोर्ट मांगी। टीम सोमवार को जांच के लिए पुलिस लाइन पहुंची, लेकिन फेमिली क्वार्टर में ही कागजी स्क्रीनिंग पूरी कर ली गई। बैरक में रहने वाले जवानों की स्क्रीनिंग ही नहीं हो पाई। बैरक में जवानों की स्क्रीनिंग काफी जरूरी है, क्योंकि यहां सोशल डिस्टेंसिंग का नियम टूट रहा है। दिन भर इधर-उधर संदिग्ध स्थानों पर ड्यूटी करने वाले जवान बैरक में एक साथ हो जाते हैं। इतनी जगह नहीं बचती है, जिससे वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकें।

200 फेमिली क्वार्टर की भी नहीं पूरी हुई स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग के हिसाब से पटना पुलिस लाइन की स्क्रीनिंग के लिए आठ टीमों को लगाया गया था। यह निर्देश दिया गया था कि सोमवार को डीएम के साथ सिविल सर्जन की होने वाली बैठक के पहले ही पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। टीम को निर्देश देने के बाद भी सोमवार को स्क्रीनिंग का काम पूरा नहीं किया गया। पुलिस लाइन में जो टीम पहुंची, वह भी कम संख्या में थी। किसी तरह से टीम ने फेमिली क्वॉर्टर में रह रहे लोगों की स्क्रीनिंग की। बताया जा रहा है कि पुलिस लाइन में कुल दो सौ फेमिली क्वार्टर हैं, लेकिन स्क्र्रींनग महज 70 से 80 क्वार्टर की ही हो पाई है। पुलिस पदाधिकारियों का कहना है कि अभी टीम को कई दिनों तक काम करना होगा, तभी पूरी तरह से स्क्र्रींनग का काम पूरा हो पाएगा।

बैरकों में नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
पटना पुलिस लाइन में 12 बैरक हैं और यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम स्क्रीनिंग करने नहीं पहुंची है। बैरकों में भरे पुलिस के जवानों के साथ बड़ी समस्या ये है कि वह डयूटी से आने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उनके सामने संक्रमण से बचाव को लेकर बड़ी चुनौती है। सोमवार को जब हिन्दुस्तान स्मार्ट की टीम पड़ताल के लिए पुलिस लाइन पहुंची और जवानों से बात की तो पता चला सर्वे की टीम ने उनसे कोई बात ही नहीं की है। किसी भी बैरक में पुलिस के जवानों से स्वास्थ्य विभाग की बात नहीं हुई है। बैरक के जवानों ने मांग भी की है कि सभी जवानों की स्क्रीनिंग ठीक ढंग से कराई जानी चाहिए, जिससे उन्हें कोई समस्या नहीं होने पाए। जवानों को भी लगता है कि वह बाहर इधर-उधर काम करते हैं और ऐसे में कब-कहां कौन संक्रमित हो जाए, कहा नहीं जा सकता है।

संक्रमण के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
बिहार सैन्य पुलिस में संक्रमण के बाद भी पुलिस लाइन में व्यवस्था नहीं सुधरी है। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस कारण से संक्रमण के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। जवानों में इसे लेकर दहशत है। प्रदेश के कई जिलों में पुलिस कर्मियों में संक्रमण के मामले भी आ रहे हैं। ऐसे में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जाना बड़ा मामला है। पुलिस लाइन में संक्रमण को लेकर खतरा है। हालांकि सुरक्षा को लेकर बचाव में गेट पर जवानों की र्चेंकग बढ़ा दी गई है। हर आने-जाने वाले से पूछताछ की जा रही है और हाथ सैनिटाइज करने के बाद ही पुलिस लाइन में भेजा जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी, सोमवार को 70 से 80 फेमिली क्वार्टर में स्क्रीनिंग कराई गई है। जवानों को संक्रमण से बचाने को हर तरह से उपाय किए  जा रहे हैं।
– आशीष सिंह, डीएसपी, पुलिस लाइन  

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