Home बड़ी खबर लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं मुख्यमंत्री नीतीश, प्रधानमंत्री मोदी को कहा- बिहार में मई अंत तक बढ़ाया जाए

लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं मुख्यमंत्री नीतीश, प्रधानमंत्री मोदी को कहा- बिहार में मई अंत तक बढ़ाया जाए

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पटना । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार देर शाम हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनका सुझाव है कि लॉकडाउन को इस माह के अंत तक जारी रखा जाए। बिहार के लिए यह जरूरी है। बड़ी संख्या में बिहार में प्रवासी कामगार आ रहे हैैं। लॉकडाउन जारी रहने से उन्हें संभालने में सहूलियत होगी। 

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों में संदिग्ध संक्रमितों की पहचान हो सके, दूसरों को बचाने के लिए यह आवश्यक है। वैसे केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के संबंध में जो भी निर्णय लिया जाएगा उससे हमलोग सहमत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हैैं कि बाहर के राज्यों में प्रवासी श्रमिकों व छात्रों के लिए ट्रेनों को अनुमति दी गयी। बिहार में अब तक 96 ट्रेनें आयी हैैं। अगले सात दिनों में 179 ट्रेनें और आने वाली हैैं। उक्त ट्रेनों से ढाई लाख लोगों के आने की संभावना है। ट्रेनों की संख्या और अधिक किए जाने की जरूरत है। नजदीक के लोगों को बसों से भी लाने की व्यवस्था की जाए। जो प्रवासी कामगार बिहार आना चाह रहे हैैं उन्हें सात-आठ दिनों के अंदर यहां पहुंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए।

उपकरणों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तय है कि बिहार में आने वाले समय में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए हम अपनी टेस्टिंग क्षमता को बढ़ा रहे हैैं। अभी एक दिन में 1800 सैैंपलिंग की जा रही है जिसे बढ़ाकर दस हजार करना चाह रहे। इसे केंद्र में रख आरटीपीसीआर मशीन व ऑटोमेटिक आरएनए एसट्रैक्सन्स मशीन की जरूरत होगी। इसकी जल्द से जल्द आपूर्ति की जाए। राज्य सरकार ने एक सौ वेंटिलेटर की मांग की है उसे भी अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से बचाव व निगरानी को बिहार में चल रहे कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 4 मई से 10 मई के बीच एक लाख लोग बिहार में अन्य प्रदेशों से आए हैैं। इनमें 1900 लोगों की रैंडम जांच हुई दिसमें 148 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैैं।

बिहार लौटने के इच्छुक लोगों की सात दिन में वापसी सुनिश्चित करें 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड -19 के प्रभावी नियंत्रण व निगरानी के संबंध में सोमवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि बिहार लौटने के इच्छुक लोगों की सात दिनों के अंदर वापसी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए रेलवे व अन्य राज्यों के साथ समन्वय किया जाए। कहा, पटना और सूबे के अन्य शहरों में जो लोग लॉकडाउन की वजह से फंसे हैैं, उनकी वापसी के लिए भी समुचित व्यवस्था की जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी गांवों में कोरोना संक्रमण से लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से साबुन व चार मास्क का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कोरोना से बचाव व इससे संबंधित अन्य जानकारी भी लोगों को देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाहर से आ रहे लोगों की रैंडम जांच से काम नहीं चलेगा। इसकी जगह अधिक से अधिक कोरोना जांच की जाए। जांच की क्षमता बढ़ायी जाए तभी कोरोना चेन को तोड़ा जा सकेगा। 

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