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लॉकडाउन 4 पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा : पीएम मोदी

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नई दिल्‍ली । लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मसले पर चर्चा की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही हम लॉकडाउन को क्रमबद्ध ढंग से हटाने पर गौर कर रहे हैं लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जब तक हम वायरस पर कारगर कोई वैक्‍सीन या उपाय नहीं ढूंढ लेते हैं तब तक वायरस से लड़ने के लिए हमारे पास सबसे बड़ा हथियार सामाजिक दूरी ही है।

– पीएम मोदी ने कहा, आत्मनिर्भरता हमें सुख और संतोष देने के साथ-साथ सशक्त भी करती है। 21वीं सदी, भारत की सदी बनाने का हमारा दायित्व, आत्मनिर्भर भारत के प्रण से ही पूरा होगा। आत्मनिर्भर भारत का ये युग, हर भारतवासी के लिए नूतन प्रण भी होगा, नूतन पर्व भी होगा। अब एक नई प्राणशक्ति, नई संकल्पशक्ति के साथ हमें आगे बढ़ना है। इस दायित्व को 130 करोड़ देशवासियों की प्राणशक्ति से ही ऊर्जा मिलेगी।

– पीएम मोदी ने कहा, लॉकडाउन का चौथा चरण, लॉकडाउन 4, पूरी तरह नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा। राज्यों से हमें जो सुझाव मिल रहे हैं, उनके आधार पर लॉकडाउन 4 से जुड़ी जानकारी भी आपको 18 मई से पहले दी जाएगी। पीएम मोदी ने कहा, ये संकट इतना बड़ा है, कि बड़ी से बड़ी व्यवस्थाएं हिल गई हैं। लेकिन इन्हीं परिस्थितियों में हमने, देश ने हमारे गरीब भाई-बहनों की संघर्ष-शक्ति, उनकी संयम-शक्ति का भी दर्शन किया है। आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए ‘वोकल’ बनना है, न सिर्फ लोकल प्रोडक्‍ट खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है। 

-पीएम मोदी ने कहा, अब रिफार्म के उस दायरे को व्यापक करना है, नई ऊंचाई देनी है। ये रिफॉर्मस खेती से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में होंगे, ताकि किसान भी सशक्त हो और भविष्य में कोरोना जैसे किसी दूसरे संकट में कृषि पर कम से कम असर हो। साथियों, आत्मनिर्भरता, आत्मबल और आत्मविश्वास से ही संभव है। आत्मनिर्भरता, ग्लोबल सप्लाई चेन में कड़ी स्पर्धा के लिए भी देश को तैयार करती है। 

– पीएम मोदी ने कहा, ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है। ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है। आपने भी अनुभव किया है कि बीते 6 वर्षों में जो रिफार्म हुए, उनके कारण आज संकट के इस समय भी भारत की व्यवस्थाएं अधिक सक्षम, अधिक समर्थ नज़र आईं हैं।  

– पीएम मोदी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडटी और कानून सभी पर बल दिया गया है। ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है। 

– पीएम मोदी ने कहा, इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा। 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा।

– पीएम मोदी ने कहा, कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा। हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है। ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है। 

– पीएम मोदी ने कहा, तीसरा पिलर- हमारा System। एक ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति-नीति नहीं, बल्कि 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली Technology Driven व्यवस्थाओं पर आधारित हो। चौथा पिलर- हमारी डेमोग्राफी – दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रसी में हमारी Vibrant Demography हमारी ताकत है, आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है। पाँचवाँ पिलर- डिमांड- हमारी अर्थव्यवस्था में डिमांड और सप्लाई चेन का जो चक्र है, जो ताकत है, उसे पूरी क्षमता से इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है। 

– पीएम मोदी ने कहा, आत्मनिर्भर भारत की ये भव्य इमारत, पाँच Pillars पर खड़ी होगी। पहला पिलर Economy एक ऐसी इकॉनॉमी जो Incremental change नहीं बल्कि Quantum Jump लाए दूसरा पिलर Infrastructure एक ऐसा Infrastructureजो आधुनिक भारत की पहचान बने। 

– पीएम मोदी ने कहा, आज हमारे पास साधन हैं, हमारे पास सामर्थ्य है, हमारे पास दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है, हम Best Products बनाएंगे, अपनी Quality और बेहतर करेंगे, सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे, ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे। यही हम भारतीयों की संकल्पशक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।

– पीएम मोदी ने कहा, दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है, मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है। सवाल यह है – कि आखिर कैसे? इस सवाल का भी उत्तर है- 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प। 

– पीएम मोदी ने कहा, जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती हैं। इन कदमों से दुनिया भर में भारत की भूरि-भूरि प्रशंसा होती है, तो हर भारतीय गर्व करता है।

– पीएम मोदी ने कहा, इंटरनेशनल सोलर अलायंस, ग्लोबर वॉर्मिंग के खिलाफ भारत की सौगात है। इंटरनेशनल योगा दिवस की पहल, मानव जीवन को तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए भारत का उपहार है।  

– पीएम मोदी ने कहा, जब भारत खुले में शौच से मुक्त होता है तो दुनिया की तस्वीर बदल जाती है। टीबी हो, कुपोषण हो, पोलियो हो, भारत के अभियानों का असर दुनिया पर पड़ता ही पड़ता है।

– पीएम मोदी ने कहा, भारत की प्रगति में तो हमेशा विश्व की प्रगति समाहित रही है। भारत के लक्ष्यों का प्रभाव, भारत के कार्यों का प्रभाव, विश्व कल्याण पर पड़ता है। 

– पीएम मोदी ने कहा, जो पृथ्वी को मां मानती हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि, जब आत्मनिर्भर बनती है, तब उससे एक सुखी-समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है।

– पीएम मोदी ने कहा, विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन, आशा की किरण नजर आता है। भारत की संस्कृति, भारत के संस्कार, उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम है। 

– पीएम मोदी ने कहा, एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था। आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज  2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं।

-पीएम मोदी ने कहा, इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है।

– पीएम मोदी ने कहा, विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है- “आत्मनिर्भर भारत”

 – पीएम मोदी ने कहा, जब हम इन दोनों कालखंडों को भारत के नजरिए से देखते हैं तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो, ये हमारा सपना नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी है। 

– पीएम मोदी ने कहा, लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है।

– पीएम मोदी ने कहा, साथियों, एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं। सारी दुनिया, जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है। 

– पीएम मोदी ने कहा, सभी देशवासियों को आदर पूर्वक नमस्कार, कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा हो रहे हैं। 

कयासों का दौर शुरू

– पीएम नरेंद्र मोदी का यह संबोधन राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से बात करने के ठीक अगले दिन होना है। पीएम के ऐलान को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। सबसे ज्‍यादा कयास लॉकडाउन पर लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर लॉकडाउन 4 को लेकर चर्चाएं तेज हैं।  

ममता बोलीं, आय के बारे में क्‍या 

– पश्चिम बंगाल CM ममता बनर्जी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के साथ बैठकों के दौरान उम्मीदें हैं लेकिन हम हर बार खाली हाथ लौटते हैं। पिछले 2 महीनों से कोई आय नहीं हुई है लेकिन हमें केंद्र से कोई विकल्प नहीं मिल रहा है। हमें 52 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। कोरोना जारी रहेगा लेकिन आय के बारे में क्या…?

संबोधन से पहले गरमाई सियासत 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्‍यमंत्रियों के साथ बैठक में यह संकेत दे चुके हैं कि किसी भी सूरत में लॉकडाउन से धीरे धीरे चरणबद्ध तरीके से बाहर निकलना होगा। पीएम मोदी ने राज्‍यों से इस बारे में एग्जिट प्‍लान मांगा है। रिपोर्टों के मुताबिक, कई राज्‍य अभी लॉकडाउन हटाना नहीं चाहते हैं जबकि कुछ राहत पैकेजों की मांग कर रहे हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ने कुछ आरोपों के साथ सियासी माहौल भी गरमा दिया है। 

ममता ने लगाए गंभीर आरोप

– इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्‍फ्रेंस मीटिंग से नाखुश ममता बनर्जी का कहना है कि बैठक से बंगाल को कुछ हासिल नहीं हुआ और उन्‍हें खाली हाथ लौटना पड़ा है। ममता का आरोप है कि पश्चिम बंगाल को केंद्र से उतना वित्‍तीय सहयोग नहीं मिला है जिनने का वह हकदार है। 

ममता बनर्जी ने की यह पहल 

– पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने लॉकडाउन-4 की अटकलों से पहले एलान किया है कि राज्‍य में रेड जोन को आगे तीन कैटिगरी (a, b, c) में बांटा जाएगा। पुलिस इन इलाकों को देखेगी। राज्‍य के कंटेनमेंट जोनों में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने राहत भरी जानकारी दी 

– लॉकडाउन के चौथे चरण की अटकलों के बीच देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 70 हजार को पार कर गई है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 70756 हो गई है जिसमें से 22454 ठीक हो चुके हैं। देश में अभी कोरोना के सक्रिय संक्रमितों की संख्या 46008 है। देश में कोरोना से 2293 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने एक राहत भरी जानकारी दी है कि देश में कोरोना से होने वाली मृत्‍युदर बाकी मुल्‍कों के लिहाज से बेहद कम है। 

पांचवीं बार संबोधन

प्रधानमंत्री का राष्‍ट्र के नाम यह पांचवां संबोधन होगा। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने सभी संबोधनों में देशवासियों से सहयोग की अपील की है। साथ ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और धारदार बनाने का आह्वान किया है। आइये संक्षेप में जानते हैं कि पीएम मोदी ने इससे पहले के संबोधनों में क्‍या बातें कही हैं। 

पहले संबोधन में जनता कर्फ्यू की बात 

प्रधानमंत्री ने पहली बार 19 मार्च 2020 की रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया था जिसमें उन्होंने सावधानियों का पालन करते हुए 22 मार्च (रविवार) को जनता कर्फ्यू की अपील की थी।

दूसरे संबोधन में लॉकडाउन का एलान 

जनता कर्फ्यू की सपलता के बाद पीएम मोदी ने दूसरी बार 24 मार्च की रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी।

तीसरे संबोधन में दीप जलाने की अपील

तीन अप्रैल को पीएम मोदी ने लोगों से अपील की थी कि वे पांच अप्रैल की रात नौ बजे कोरोना वॉरियर्स के लिए 9 मिनट का वक्त निकालें और घरों की बत्तियां बंद कर दीप, मोमबत्ती, टार्च, मोबाइल की फ्लैश लाइटें रोशन करें।

चौथे संबोधन में लॉकडाउन-2 का एलान 

प्रधानमंत्री ने चौथी बार 14 अप्रैल को देशवासियों को संबोधित करते हुए तीन मई तक के लिए पूरे देश में लॉकडाउन-2 लगाए जाने की घोषणा की थी।

दिखेगी भविष्‍य की तस्‍वीर

प्रधानमंत्री का राष्‍ट्र के नाम यह पांचवां संबोधन होगा। प्रधानमंत्री ने ‘दो गज की दूरी’ के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि कई मुख्यमंत्रियों द्वारा रात में कर्फ्यू लगाने के लिए दिए गए सुझाव को मानने से निश्चित रूप से लोगों में सतर्कता की भावना फिर से पैदा होगी। ऐसे समय जब लॉकडाउन-3 खत्म होने में अब पांच दिन का समय ही बचा है… पीएम मोदी का यह संबोधन भविष्‍य की तस्‍वीर दिखाएगा। कोरोना से निपटने के लिए देश को लॉकडाउन-4 (Lockdown-4) की जरूरत है या नहीं और यदि है तो उसकी रूपरेखा और तस्‍वीर कैसी होगी… इस बारे में भी प्रधानमंत्री इशारा करेंगे।

अर्थव्‍यवस्‍था को गति देने की चुनौती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करके भावी कदमों को लेकर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि हमें यह समझना होगा कि अब कोरोना से लड़ाई पहले ज्यादा केंद्रित होगी। आगे हमें इसके फैलाव को रोकना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग सभी ऐहतियाती कदमों का पालन करें। इस बातचीत में पीएम मोदी ने स्‍पष्‍ट संकेत दिया था कि अगले चरण में राहत तो दी जाएगी लेकिन लॉकडाउन एकदम से नहीं हटाया जाएगा। उन्‍होंने कहा था कि हमारे सामने बीमारी को रोकने के साथ साथ अर्थव्‍यवस्‍था को गति देने की गहरी चुनौती है। 

जन से लेकर जग तक की नीति पर चलने के संकेत 

पीएम मोदी के साथ बातचीत में ज्‍यादातर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री भी लॉकडाउन में एकमुश्‍त ढील देने के पक्ष में नहीं दिखे। वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि जन से लेकर जग तक की नीति पर आगे बढ़ना होगा। सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन के अगले दौर में ऑरेंज और रेड जोन में भी थोड़ी ढील दी जा सकती है। हालांकि आवागमन, मनोरंजन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम शुरू होने के लिए अभी इंतजार करना होगा। यही नहीं गांवों को संक्रमण से बचाने की भी एक बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में पीएम मोदी के इस संबोधन को बेहत खास माना जा रहा है। 

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