Home बड़ी खबर 83 फीसदी ऐसे मरीज जिनमें पहले से नहीं था कोई लक्षण, जांच में पाए गए कोरोना पॉजिटिव

83 फीसदी ऐसे मरीज जिनमें पहले से नहीं था कोई लक्षण, जांच में पाए गए कोरोना पॉजिटिव

9 second read
0
0
20

पटना। बिहार में 83 फीसदी ऐसे मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें कोरोना का पूर्व से कोई लक्षण नही था। वे जांच कराने गए किसी अन्य समस्या का और जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट में पाए गए। जांच के सैम्पलों की टेस्टिंग लैब में बारी़की से जांच की जा रही है, जिसका परिणाम है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। हाल ही में तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी श्रमिकों के रैंडम जांच के दौरान 332 प्रवासियों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इन्होंने वहां से चलने के दौरान इस बात का अनुमान भी नही किया था कि वे कोरोना के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। 

केस-1
कोरोना के संक्रमण की शुरुआत में ही मुंगेर से किडनी की समस्या को लेकर इलाज के लिए पटना पहुंचे एक मरीज ने पहले इधर -उधर निजी अस्पतालों में जांच कराया। बाद में थककर जब एम्स में इलाज के लिए पहुंचा तो वहां डॉक्टरों ने कोरोना की जांच की। रिपोर्ट आयी तो वह कोरोना पॉजिटिव निकला। हालांकि उसका मर्ज इतना बढ़ चुका था कि उसकी जान नहीं बचायी नही सकी। 

केस-2
अरवल के कुर्था निवासी एक प्रवासी श्रमिक कमाने के लिए बाहर गया था। वह कोरोना के संक्रमण की शोर सुनकर पहले ही घर लौट गया। लेकिन जब उसकी तबीयत खराब होने लगी तो वह डॉक्टर के संपर्क में आया। उसकी कोरोना जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव निकला। उसका इलाज जारी है। 

केस-3
यूरोप के देश से बिहार लौटा एक युवक अपनी मां को लेकर नेपाल और फिर दिल्ली भी घूमने  गया। लेकिन, जब पटना लौटकर कोरोना की जांच कराई तो माता जी कोरोना पॉजिटिव निकलीं। उनका इलाज किया गया और वह स्वस्थ होकर घर लौट गईं। 

केस-4
पटना के खाजपुरा में एक व्यक्ति बैंक एटीएम में पैसे डालने वाली गाड़ी का चालक था। उसे बहुत दिनों तक कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी नही थी। जब उसकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव निकली तब पूरे परिवार की जांच की गई। बाद में पता चला कि वह खुद कोरोना के संक्रमण का शिकार हो गया है। 

केस-5
पटनासिटी निवासी महिला कैंसर की मरीज थी। उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसे नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया। जब डॉक्टरों ने उसकी अन्य जांच के साथ ही कोरोना की जांच करायी तब पता चला कि वह संक्रमित हो चुकीं है। हालांकि उस महिला मरीज को भी नही बचाया जा सका। 

17 संक्रमितों का चल रहा इलाज दस की पहली रिपोर्ट निगेटिव
एनएमसीएच के कोरोना नोडल सेंटर में बीते 48 घंटे में एक भी कोरोना संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट नहीं आने से बुधवार को किसी को छुट्टी नहीं दी गई। नोडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिन्हा, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मुकुल कुमार्र ंसह व डॉ. सोमाया निजाम ने बताया कि फिलहाल 17 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। इसमें दस की पहली रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। 

दो संक्रमित और 25 संदिग्ध मरीज एनएमसीएच में भर्ती 
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोरोना नोडल सेंटर में बुधवार को कोरोना संक्रमित दो और नये मरीज को भर्ती किया गया है। जबकि 25 संदिग्ध मरीज भी भर्ती हुए हैं। भर्ती संदिग्ध मरीजों में सात महिला व 18 पुरुष है। अस्पताल में कोरोना पीड़ित 17 मरीज व 41 संदिग्ध का इलाज चल रहा है। संदिग्ध मरीजों का सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई भेजा गया है।

Load More By Bihar Desk
Load More In बड़ी खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत आमाघाटा मौजा में 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बेनामी जमीन का हुआ खुलासा

धनबाद : 10 एकड़ से अधिक भूखंड का कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है. बाजार दर से इस जमीन की क…