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चांसलर पोर्टल से आसान होगा नामांकन

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राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में इस अकादमिक सत्र के लिए शत-प्रतिशत नामांकन चांसलर पोर्टल से ही ऑनलाइन लिए जाएंगे। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों को एक समिति गठित करने को कहा गया था। यह समिति चांसलर पोर्टल से नामांकन को सुनिश्चित करेगी। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयवार चांसलर पोर्टल से नामांकन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है। इसके संचालन का जिम्मा मिक्सी को मिला है। पहले दिन बुधवार को रांची विश्वविद्यालय और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के लिए ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। पिछली बार चांसलर पोर्टल से नामांकन मैं हुई दिक्कत को देखते हुए इस बार नामांकन प्रक्रिया को सरल किया गया है।प्रशिक्षण में चांसलर पोर्टल एनआईसी के निदेशक एनएन मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर अमित कुमार ने चांसलर पोर्टल से नामांकन पर एक प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि इस बार चांसलर पोर्टल से नामांकन के लिए कई सुधार किए गए हैं इसके तहत स्टूडेंट्स फ्रॉम को सरल किया गया है जो पहले काफी जटिल था पहले विद्यार्थियों को सोम के साथ बहुत सारे फाइल अपलोड करने पड़ते थे अब उन्हें सिर्फ नामांकन के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा, इसके बाद पर्सनल इंफॉर्मेशन, शैक्षणिक जानकारी के अलावा अपनी तस्वीर और डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड करना होगा।मल्टीपल विश्वविद्यालय, कॉलेज, विभाग का चयन कर सकेंगेनामांकन के लिए आवेदन करते समय छात्र विभिन्न विश्वविद्यालय विविध विषय और विभाग का चयन कर सकते हैं। फीस भुगतान को भी सरल बनाया गया है इसके लिए सर्वर से सर्वर को कनेक्ट किया गया है। पिछली बार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने शिकायत की थी कि उनके अकाउंट से पैसा कट गया, लेकिन उनका चांसलर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। इस बार उस दिक्कत को दूर करने का प्रयास किया गया है अगर पैसा कहीं फसता भी है तो इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी। सब्जेक्ट मैपिंग को भी सुधारा गया है। पिछली बार विद्यार्थियों को विषय का चयन करने में भी दिक्कत आई थी। आर्ट्स के विद्यार्थी जो गणित पढ़ना चाहते थे वे चांसलर पोर्टल पर उनके लिए यह विकल्प ही नहीं था ऐसी दिक्कतों को इस बार सुधारा जा रहा है। चांसलर पोर्टल में नामांकन से लेकर रजिस्ट्रेशन तक का विकल्प दिया गया है लेकिन इस पर दोनों ही विश्वविद्यालयों के अधिकारियों का कहना था कि अभी के लिए सिर्फ नामांकन प्रक्रिया ही चांसलर पोर्टल से हो सकती है। रजिस्ट्रेशन पर कुलपति की स्वीकृति के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालयों ने सुझाव भी दिएप्रशिक्षण के दौरान रांची विश्वविद्यालय और डीएसपीएमयू के प्रतिनिधियों ने कई सुझाव भी दिए उनका कहना था कि चांसलर पोर्टल सिर्फ नामांकन के लिए सूची ही जारी नहीं करें बल्कि चयन सूची बनाने का भी काम करे। इसके अलावा 2019 से जेनेरिक इलेक्टिव में दो विषयों को रखा जाना है, पहले इसमें एक ही विषय था। प्रशिक्षण में रांची विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार, डीएसडब्ल्यू डॉ पीके वर्मा, रजिस्ट्रार डॉ अमर कुमार चौधरी, ईडीपीसी के इंचार्ज डॉ ज्ञान सिंह, एआर डॉ राजीव सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर कुमुद रंजन साहू और डीएसपीएमयू से डीएसडब्ल्यू डॉ नमिता सिंह ओएसडी registration.in के महत्व नोडल ऑफिसर आई एन साहू कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित कुमार चौधरी मौजूद थे।छात्रों को हुई थी परेशानीविश्वविद्यालयों में चांसलर पोर्टल से नामांकन की प्रक्रिया 2018 से ही शुरू हुई थी लेकिन यह सफल नहीं रहा था सब्जेक्ट मैपिंग सही नहीं होने के कारण छात्रों को विषय का चयन करने में काफी दिक्कत हुई थी साथ ही फीस पेमेंट में भी समस्या आई थी इसका नतीजा यह हुआ था कि नामांकन अक्टूबर माह तक चले थे। पिछले वर्ष भी चांसलर पोर्टल से नामांकन होना था, लेकिन छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिसके बाद डीएसपीएमयू और रांची विश्वविद्यालय समेत अन्य विश्वविद्यालयों ने अपने पोर्टल से नामांकन लिया था। इस बार सभी विश्वविद्यालयों को सरकार ने चांसलर पोर्टल से ही शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को कहा है। जिसके लिए अभी से प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं वह तकनीकी बाधाएं दूर की जा रही हैं।सितंबर से शुरू होगा नया सत्रकोविड-19 महामारी के कारण लॉक डाउन के बाद सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में सभी शैक्षणिक कार्य स्थगित कर दिए गए। जिसके कारण इस बार सत्र विलंब होगा और नया सत्र भी देर से शुरू। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को जो परामर्श जारी किया है उसमें अकादमिक कैलेंडर में बदलाव किया गया है। इसके तहत नामांकन प्रक्रिया 1-31 अगस्त तक चलेगी और नए सत्र की शुरुआत 1 सितंबर से होगी।

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