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झारखंड में पहली बार धान खरीद का सरकारी लक्ष्य हासिल हुआ

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लॉकडाउन के कारण झारखंड में पहली बार धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो पाया है। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार को उम्मीद से अधिक धान बेचा है। सरकार का संभावित लक्ष्य 30 लाख क्विंटल था उससे अधिक 3.22 लाख क्विंटल धान की खरीदारी हो चुकी है।
सूबे के 1.38 लाख किसानों ने धान की बिक्री की है। किसानों की संख्या भी इस बार धान बिक्री के लिए सबसे अधिक उमड़ी है। लॉकडाउन का सकारात्मक पहलू यह भी रहा है कि गांवों तक बिचौलिये नहीं पहुंच सके। सरकारी धान क्रय केंद्र और किसान के बीच बिचैलियों के नहीं आने का सीधा लाभ किसानों को मिला है।किसानों के बीच लॉकडाउन की अवधि वरदान साबित हुई। इस अवधि में भी उनके बीच धान बिक्री करने का जुनून कम नहीं दिखा। हालांकि लॉकडाउन के शुरुआती दौर में किसानों के क्रय केंद्र में पहुंचने की संख्या काफी कम हो गई थी। क्रय केंद्र भी बंद हो चुके थे। इसके बाद राज्य सरकार ने धान खरीदने की अवधि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल तक करने की मांग केंद्र से की। मंजूरी मिलते ही अप्रैल में धान की रिकार्ड खरीदारी हुई। सरकार ने फिर 15 मई तक की धान खरीदारी की तिथि बढ़ा दी। मालूम हो कि राज्य के किसानों को इस बार प्रति क्विंटल धान की खरीद पर 2000 रुपए अतिरिक्त दिया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार की ओर से 185 रुपए बोनस है।

इस बार धान की बिक्री खूब हुई, किसान भी आगे आए। लेकिन यह भी सच है कि 13 मई तक करीब 24 हजार किसानों को धान का पैसा नहीं मिल पाया है। अभी भी किसानों को खरीफ फसल से पहले धान का पैसा मिलने का इंतजार है। विभाग के अनुसार सभी का पैसा भेजा जा रहा है, इसमें कितना समय लगेगा इस बारे में कुछ बताया नहीं जा रहा है। सबसे अधिक हजारीबाग, गिरिडीह, पलामू और प. सिंहभूम के किसानों को पैसे मिलने का इंतजार है। इस बार सबसे अधिक धान बेचने वालों में  प. सिंहभूम, हजारीबाग और पलामू के किसान हैं। पश्चिम सिंहभूम में पांच लाख क्विंटल धान खरीदारी के लक्ष्य के विरुद्ध सात लाख क्विंटल धान की खरीदारी हुई। हजारीबाग में दोगुना धान की खरीदारी कर साढ़े छह लाख क्विंटल का आंकड़ा पार किया गया। पलामू जिले में चार लाख क्विंटल धान खरीदारी का लक्ष्य था, जिसमें 3.73 लाख क्विंटल धान की बिक्री हो सकी।

धान खरीदारी का लक्ष्य – 30 लाख क्विंटल
धान प्राप्ति 13 मई तक – 3.22 लाख क्विंटल
सबसे अधिक धान बेचने वाला जिला – प. सिंहभूम
सबसे अधिक किसानों की संख्या – हजारीबाग
सबसे कम धान की खरीदारी – पाकुड़ और गोड्डा
सबसे कम किसानों की संख्या – पाकुड़

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