Home बड़ी खबर आज 90 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार, दो दिनों से राहत

आज 90 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार, दो दिनों से राहत

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पटना । राजधानी के लिए गुरुवार के बाद शुक्रवार का दिन राहत भरा है। चार दिनों में 44 नए कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद पांचवें के बाद आज छठे दिन अबतक कोई नया मरीज नहीं मिला। पटना में कुल संक्रमितों की संख्या अभी 99 है।

प्रशासन के लिए फिलहाल बीएमपी कैंपस सबसे बड़ा परेशानी का सबब बना हुआ है। छह दिन में 22 जवानों के कोरोना संक्रमित होने के बाद बीएमपी कैंपस हॉट स्पॉट बन चुका है। अब तक 300 बीएमपी जवानों की जांच कराई जा चुकी है। अभी सौ से अधिक आशंकितों के नमूने लिए जाने बाकी हैं। इसी बीच एक महिला आइपीएस की रसोइया के संक्रमित होने के बाद अब बीएमपी जवानों के संपर्क में आए लोगों और कैंपस से बाहर घर बनाकर रहने वालों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को संपर्क में आए लोगों और बाहर रहने वालों के नमूने लिए जाएंगे। बताते चलें कि बीएमपी कैंपस में अबतक प्रदेश की सबसे बड़ी चेन मुंगेर और पटना के खाजपुरा से भी अधिक लोगों की जांच कराई जा चुकी है। शुक्रवार को 40 बीएमपी जवानों समेत कुल 90 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

आइपीएस ने खाना बनवाना कर दिया था बंद

बीएमपी की जो महिला कर्मचारी बुधवार को कोरोना संक्रमित पाई गई थी, वह एक महिला आइपीएस के घर खाना बनाती थी। हालांकि, कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए आइपीएस ने डेढ़ माह पूर्व ही उसे खाना बनाने से रोक दिया था। इसके बाद से वह अफसर के घर नहीं जाती थी। उसका आवास कैंपस के बाहर था लेकिन फिर भी वह अक्सर यहां-आती जाती थी। रसोइया इस बीच कहां-कहां गई थी इसकी जानकारी ली जा रही है।

सैंपल लेने की गति भी हुई धीमी

स्वास्थ्य विभाग ने पहले बीएमपी परिसर के 350 जवानों फिर 450 और अंत में 600 की जांच कराने की बात कही थी। हर दिन करीब 75 नमूनों की जांच कराने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, गत तीन दिन से यह आंकड़ा 40 या इससे कम ही रहा है।

एक कमरे में रखे जा रहे थे दो जवान

कोरोना संक्रमित जवानों को होटल पाटलिपुत्र के एक कमरे में दो-दो लोगों को रखा जा रहा है। जवानों ने इसका विरोध किया और कमांडेंट से शिकायत की। कमांडेंट के हस्तक्षेप के बाद एक कमरे में एक जवान को रखा गया।

खाजपुरा मॉडल से रुकेगी बीएमपी की चेन

बीएमपी परिसर में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। कौन बिना लक्षण के कोरोना वायरस लेकर घूम रहा है किसी को नहीं पता है। बावजूद इसके बीएमपी परिसर को कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया गया है। हालांकि, गुरुवार को जिलाधिकारी ने जवानों के कैंपस से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। वहीं, बीएमपी के जो जवान परिसर से बाहर रहते हैं, वे भी धड़ल्ले से अंदर जा रहे हैं।

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