Home झारखंड तबरेज मामले को मानवता पर धब्बा बताने वाले कांग्रेसी सुभान की मौत पर मौन क्यों

तबरेज मामले को मानवता पर धब्बा बताने वाले कांग्रेसी सुभान की मौत पर मौन क्यों

8 second read
0
0
24

रांची. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2019 में तबरेज अंसारी (Tabrez Ansari) की मौत को मानवता पर धब्बा बताने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi), कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलामनबी आजाद, सीपीएम, सीपीआई एवं अनेक संगठन दुमका में 11 मई को बकरी चोरी के नाम पर सुभान अंसारी की हुई मॉब लिचिंग (Mob Lunching)  पर आखिर क्यों मौन हैं.उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 11 मई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गृह जिला दुमका के काठीकुंड, शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में बकरी चोरी का आरोप लगाकर दो लोगों की निर्मम पिटाई की गई और उनमें से एक सुभान अंसारी की मौत हो गई. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. इस घटना को बीते चार दिन हो गए, लेकिन अबतक मॉब लिचिंग के शिकार सुभान अंसारी के लिए न तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को आंसू बहाने का समय मिला, न ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को ट्वीट करने का मन हुआ है. इनलोगों के ट्वीट और आंसू भी आखिर सेलेक्टिव क्यों होते हैं.पूर्व सीएम ने कहा कि इन्हीं राहुल गांधी ने 17 जून 2019 को सरायकेला में तबरेज अंसारी पर हुए हमले पर मोटे-मोटे आंसू बहाये थे. और 22 जून को तबरेज की मौत के बाद इसे मानवता पर धब्बा बताया था. आरोप लगाया था कि इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार की कथित चुप्पी हैरान करने वाली है. इतना ही नहीं राज्यसभा में अपने भाषण में कांग्रेस नेता गुलामनबी आजाद ने सरायकेला की घटना के बाद पूरे झारखंड को मॉब लिचिंग का अड्डा बता दिया था. उन्होंने कहा कि सुभान अंसारी के मामले में अबतक गुलामनबी आजाद ने भी अपनी जुबान क्यों नहीं खोली.रघुवर दास ने कहा कि तबरेज के मामले में सीपीएम, सीपीआई एवं अनेक संगठनों ने अपनी पार्टियों के प्रतिनिधि सरायकेला भेज दिया था. इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर देश को बदनाम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी. अब जब दुमका में सुभान अंसारी की मॉब लिचिंग से निर्मम हत्या की गई, तो इन सभी की जबान पर ताला लटक गया है, किसी जांच या मदद की मांग नहीं की जा रही है, आखिर ऐसा क्यों? ऐसा दोहरा व्यवहार सिर्फ इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि उस समय भाजपा की सरकार थी और आज झारखंड में झामुमो के नेतृत्व में कांग्रेस, राजद एवं वामपंथियों की अवसरवादी सरकार है.पूर्व सीएम ने कहा कि भीड़ के हाथों किसी की भी मौत गैरकानूनी और निंदनीय होती है, चाहे वह तबरेज की मौत हो या सुभान अंसारी की हत्या हो. उन्होंने सुभान मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की. और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने का राज्य सरकार से आग्रह किया. रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछा कि वह और उनकी पार्टी तो दावा करती थी कि उनकी सरकार में मॉब लिचिंग नहीं होगी तथा किसी की भी भूख से मौत नहीं होगी, लेकिन अब दुमका में हुई मॉब लिचिंग पर पार्टी नेताओं के होठ क्यों सिले हुए हैं.

Load More By Bihar Desk
Load More In झारखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत आमाघाटा मौजा में 30 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बेनामी जमीन का हुआ खुलासा

धनबाद : 10 एकड़ से अधिक भूखंड का कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है. बाजार दर से इस जमीन की क…