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‘हीरे’लौट के आए हैं, अपने ताज में जड़ लेना चाहता है बिहार

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पटना । 70 हजार कुशल कामगार बिहार लौटे हैं। कोई सूरत में हीरा तराशता था, तो कई पंखा फैक्ट्री में कुशल कारीगर था। सब लौटकर आए हैं। बिहार सरकार इसे बड़ा अवसर मान रही है। उद्योग विभाग को सबकी सूची मिल गई है। उनकी छंटाई की जा रही। इन कामगारों को विभिन्न उद्योगों से जोड़ा जाएगा। स्टार्ट अप भी शुरू किए जाएंगे। पूरी योजना तैयार है। अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अन्य सरकारी योजनाओं जैसा इसका हाल नहीं हो। 

लौटने वालों में राजमिस्त्री और रेजा ही नहीं, रसोईया, ब्यूटीशियन व डायटीशियन भी हैैं। बढ़ई, लोहार, इलेक्ट्रिीशियन और प्लंबर आदि भी शामिल हैं। रेजा (निर्माण उद्योग के मजदूर) के रूप में काम करने वाली महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी है। 

दरअसल, वापस आए कुशल प्रवासी कामगारों से अपनी झोली भरने की तैयारी में जुटा है बिहार। यह ऐसे लोग हैं, जो देश के विभिन्न प्रदेशों में अपनी मेधा और मेहनत के बल पर औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नई ऊंचाई देते हैं। लॉकडाउन की परेशानी झेलकर लौटे इन लोगों की सूची तैयार कर ली गई है। इन्हें बिहार की विभिन्न नई-पुरानी औद्योगिक यूनिटों से जोड़ा जाएगा। सर्विस सेक्टर और निर्माण सेक्टर से भी संबंधित कामगारों को जोडऩे की तैयारी है। 

उद्योग विभाग ने अब तक 88 हजार, 293 प्रवासी कामगारों की स्किल मैपिंग की है। अभी इसमें और तेजी आएगी। सरकार के सामने कोरोना काल में सर्विस सेक्टर में इन प्रवासी कामगारों को एडजस्ट करने की चुनौती है। इसकी तैयारी की जा रही। 

  • एसी, वाटर कूलर व प्यूरीफायर से जुड़े टेक्नीशियन-40 
  • ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से -67
  • ऑटो मेकैनिक-84
  • ब्यूटीशियन-14, 
  • कंप्यूटर की मरम्मत से जुड़े 13 
  • कॉल सेंटर वर्कर 3, 
  • बैंकिंग सेक्टर वर्कर-5
  • रसोईया-672, 
  • डाटा इंट्री ऑपरेटर-28, 
  • सिक्यूरिटी गार्ड 211, 
  • डिलेवरी ब्याय-84, 
  • डायटीशियन- 5, 
  • स्र्पोट्स सेक्टर वर्कर-51, 
  • टेक्सटाइल सेक्टर स्टाफ-225, 
  • ड्राइवर -1031, 
  • मेड-30,  
  • ई कॉमर्स सेक्टर वर्कर-10, 
  • इंश्योरेंश सेक्टर वर्कर-2 
  • फिटनेस ट्रेनर एट होम-4,
  • फाइनेंशियल एडवाइजर-6, 
  • लैब टेकनीशियन-12, 
  • आइटी सेक्टर स्टाफ-5, 
  • लांड्री सर्विस- 62 

निर्माण क्षेत्र के कामगार भी लौटे हैं

  • राजमिस्त्री 3963, 
  • निर्माण मजदूर – 10965
  • पेंटर-1905,  
  • निर्माण के अकुशल मजदूर- 32335
  • लोहार-394
  • बढ़ई-1500
  • सेंटरिंग कारीगर-1339
  • निर्माण कार्य में लगे इलेक्ट्रिीशियन- 892
  • इलेक्ट्रिीशियन-84
  • इलेक्ट्रोनिक सेक्टर वर्कर-28
  • फैब्रिकेशन सेक्टर वर्कर-50
  • निर्माण कार्य में जुड़ी महिला श्रमिक (रेजा)-210
  • फ्लोर टाइल्स वर्कर-2085
  • फूड प्रोसेसिंग सेक्टर वर्कर-124
  • माली-9
  • ग्रील वेल्डर-1375
  • जेनरेटर रिपेयर करने वाले -3
  • हैैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट वर्कर-36
  • रोड सेक्टर में काम कर रहे मजदूर-839
  • ईंट फैक्ट्री में काम करने वाले 1550
  • मॉडर्न उपकरणों के साथ निर्माण कार्य करने वाले 400 
  • प्लंबर 500 
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