Home बड़ी खबर बेसब्री से बेटे का इंतजार कर रही थी मां, मिली मौत की सूचना

बेसब्री से बेटे का इंतजार कर रही थी मां, मिली मौत की सूचना

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गया । अगर कोरोना नहीं होता तो मेरा बेटा नहीं मरता। दस अप्रैल को उसका गौना था, लेकिन इसके पहले ही देश में लॉकडाउन हो गया और सतेंद्र जयपुर से नहीं लौट सका। यह कहना है जिले के डोभी प्रखंड के मानशीडीह गांव के सतेंद्र की मां का। वह सूचना मिलने के बाद बेटे के घर पहुंचने का इंतजार कर रही थी, लेकिन उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में हुई सड़क दुर्घटना में उसकी असमय मौत हो गई। सतेंद्र कुछ लोगों के साथ कंटेनर से आ रहा था। शनिवार को मृतक के भाई सुनील यादव को सूचना मिली। उसके बाद से घर में बूढ़ी मां व पिता की हालत बेकाबू हो गई। घटना सुनकर पूरा परिवार दहाड़ मारकर रोने लगा। भाई सुनील ने बताया कि हम सभी चार भाइयों में सतेंद्र तीसरे नंबर का था।

उसकी शादी 2015 में गया जिले के बाराचट्टी के जयगिर बुमेर में देवकी यादव की बेटी जिरवा कुमारी के साथ हुई थी। इसी 10 अप्रैल को उसका गौना निश्चित था। पूरा परिवार मजदूरपेशा है। इसी के बूते परिवार की रोजी-रोटी चलती है। सतेंद्र जयपुर में आरएसजी मार्बल कंपनी में हेल्पर का काम करता था। 10 माह पहले ही वह वहां कार्य पर गया था। शुक्रवार की रात में सतेंद्र ने अपने भाई सुनील को घर आने की जानकारी दी थी, परंतु शनिवार की सुबह हादसे की जानकारी मिली। मा रजिया देवी व पिता मोहन यादव बेटे की याद में रोते-रोते कई बार बेहोश हो जा रहे थे। पूरा गाव घटना को लेकर गमगीन था। जानकारी के बाद कुछ स्वजन उसका शव लाने के लिए औरैया गए हैं। वहीं मायके में जब उसकी पत्नी जिरवा देवी को पति की मौत की सूचना मिली तो वह सुबह से ही बेसुध हो गई। पंचायत की मुखिया प्रतिमा देवी ने कहा, मृतक का परिवार बहुत गरीब है और मजदूरी ही परिवार का सहारा है।

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