Home बड़ी खबर मेडिकल अस्पताल में केबिननुमा छोटे से वार्ड में रह रहे टीबी मरीज

मेडिकल अस्पताल में केबिननुमा छोटे से वार्ड में रह रहे टीबी मरीज

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गया । अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में टीबी मरीजों का एमडीआर वार्ड व्यवस्थित नहीं दिखाई पड़ता है। कोरोना महामारी में हर तरह के मरीज को दूर-दूर बेड लगाकर रखना है। यहां एक हिस्से में केबिननुमा छोटे से वार्ड में एमडीआर व एक्सडीआर के मरीजों को भर्ती रखा जाता है। टीबी जैसे संक्रामक बीमारी से ग्रसित मरीजों को दूर-दूर पर अलग-अलग वार्ड में रखने की जरूरत है ताकि टीबी बैक्टीरिया का वायरस एक दूसरे को बीमार नहीं कर सके। यहां भर्ती मरीजों से मिलने के लिए आने वाले स्वजन भी इसी वार्ड के समीप जनरल वार्ड में बैठते हैं। यह भी अनुचित कहा जा सकता है।

एमडीआर वार्ड के एसोसिएट प्रोफेसर सह विभागाध्यक्ष डॉ. यूएन शर्मा ने कहा कि वार्ड छोटा रहने के कारण मरीजों को भर्ती रखने में दिक्कत आती है। इस बारे में कई बार अधीक्षक से जगह की मांग की गई है, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि टीबी वार्ड में ही एमडीआर के सत्यापित मरीज को भी रखने के लिए कहा जा रहा है, जो कि बीमारी के चिकित्सीय पहलू से उचित नहीं है। सेलेक्टेड मरीज के साथ ऐसे मरीज को खतरा रहता है। ——- पानी की सुविधा नहीं, ओपीडी की तरफ जाकर लाना पड़ता है पानी एमडीआर वार्ड में पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। वार्ड में भर्ती मरीज प्रियंका कुमारी के पति मनीष कुमार ने कहा कि पानी के लिए ओपीडी की तरफ जाना पड़ता है। दूसरे मरीज के स्वजनों ने कहा कि वार्ड की तरफ ही पानी के लिए आरओ लगाया जाना चाहिए।

गर्मी में ठंडा पानी मिले इसकी व्यवस्था अस्पताल की ओर से होनी चाहिए। —— विभागाध्यक्ष का चेंबर भी बदहाल, ढंग की कुर्सी तक नहीं विभागाध्यक्ष का चेंबर भी बहुत बेहतर हालत में नहीं है। बढि़या कुर्सी तक नहीं है। विभागाध्यक्ष अपनी परेशानी बताते हैं। इधर, इस बारे में स्टोर के प्रभारी डॉ. प्रहलाद कुमार ने बताया कि विभाग को अलग से कुर्सी दी गई थी, लेकिन उसपर दूसरे चिकित्सक बैठ रहे हैं। ———- टीबी वार्ड की जो भी समस्याएं हैं उसे दूर की जाएगी। विभागाध्यक्ष जो भी जरूरत के साधन चाहते हैं उसकी सूची बनाकर मांग करें, जरूरत के सामान दिए जाएंगे। डॉ. विजय कृष्ण प्रसाद, अधीक्षक, मगध मेडिकल अस्पताल, गया

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