Home देश छह मीटर ऊंची लहर, 195 किमी प्रति घंटे हवा की रफ्तार, जानें- कब और कहां हिट करेगा चक्रवाती तूफान

छह मीटर ऊंची लहर, 195 किमी प्रति घंटे हवा की रफ्तार, जानें- कब और कहां हिट करेगा चक्रवाती तूफान

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नई दिल्ली । सुपर साइक्लोन ‘एम्फन’ भारतीय तटों की तरफ दस्तक देने वाला है। 21 सालों के बाद कोई सुपर साइक्लोन भारत के तटीय इलाके से टकराने जा रहा है। इसको देखते हुए आर्मी, एयर फोर्स के साथ एनडीआरएफ को अलर्ट किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक एम महापात्र ने कहा कि चक्रवाती तूफान एम्फन बहुत प्रचंड है, जो बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि एम्फन प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और 20 मई को पश्चिम बंगाल के दीघा द्वीप तथा बांग्लादेश के हतिया द्वीपसमूह के बीच दस्तक दे सकता है।

इस दौरान हवाओं की रफ्तार 165 से 175 किलोमीटर प्रति घंटे की रह सकती है, जो 195 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। महापात्र ने कहा कि इसके प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में 20 मई की दोपहर बाद या शाम को उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर रुख करने तथा दीघा (पश्चिम बंगाल) एवं हतिया (बांग्लादेश) द्वीपसमूहों के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटीय क्षेत्रों को पार करने की काफी संभावना है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 और 20 मई को भारी से काफी मूसलाधार बारिश होगी। इन जिलों में पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता हैं। तूफान के दस्तक देने के दौरान समुद्र से करीब चार से छह मीटर ऊंची तूफानी लहरें आने के कारण दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों के निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं। तटीय ओडिशा में भी 19 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है।

उत्तरी तटीय ओडिशा में जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, बालासोर, भद्रक और मयूरभंज जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और खोरधा तथा पुरी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी ओडिशा में बालासोर, भद्रक, मयूरभंज, जाजपुर, केंद्रपाड़ा और क्योंझर जिलों में 20 मई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

पश्चिम बंगाल में 19 टीमें तैनात

NDRF चीफ एस.एन. प्रधान ने कहा कि ओडिशा में 15 टीमें तैनात हैं। वे जागरूकता ड्राइव, संचार ड्राइव और निकासी का काम कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 19 टीमें तैनात हैं, 2 टीम वहां स्टैंडबाय में रखी गई हैं। हमें अभी दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है कोविड-19 और चक्रवात। हमने बैकअप रखा है। 6 NDRF बटालियन – 11, 9, 1, 10, 4, 5 इसके लिए रखी गई हैं। 11बटालियन वाराणसी में, 9बटालियन पटना में, गुवाहाटी में 1बटालियन, विजयवाड़ा में 10बटालियन, अरक्कोणम में 4बटालियन और पुणे में 5बटालियन है।उन्हें जरूरत पड़ने पर जल्द से जल्द लाया जा सकता है।

मछुआरों को अगले दो दिन तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ने कहा कि एसडीआरएफ के लगभग चार हजार कर्मी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने संबंधी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। मछुआरों को अगले दो दिन तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और जो लोग समुद्र में हैं, उन्हें वापस लौटने को कहा गया है। अधिकारी ने कहा कि हम किसी भी घटना से निपटने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।

इन इलाकों में हाई अलर्ट

तबाही के मद्देनजर ओड़िशा के तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। राज्य के जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

इस चक्रवात के बांग्लादेश पहुंचने की आशंका

सुपर साइक्लोन एम्फन के मद्देनजर बांग्लादेश अपने तटीय इलाकों से लोगों को मंगलवार दोपहर से हटाना शुरू कर देगा। समाचार एजेंसी आइएएनएस के अनुसार बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन और राहत सचिव शाह कमल ने कहा कि मंगलवार आधी रात से बुधवार शाम के बीच इस चक्रवात के बांग्लादेश पहुंचने की आशंका है।

तूफान से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा की तैयारियां 

तूफान के संबंध में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की मंगलवार की समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में चक्रवाती तूफान से निपटने में राज्य, केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया गया। ओडिशा के मुख्य सचिव और पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने एनसीएमसी को उनके द्वारा किए गए प्रारंभिक उपायों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि निचले इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है। खाद्यान्न, पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं।

बिजली एवं टेलीकॉम सेवाओं के रखरखाव और बहाली के लिए संबंधित टीमें भी तैनात कर दी गई हैं। बयान के मुताबिक, राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने राज्य सरकारों से कहा कि चक्रवाती तूफान के मार्ग में पड़ने वाले निचले इलाकों से समय पर लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। इसके साथ ही आवश्यक आपूर्ति जैसे कि भोजन, पेयजल एवं दवाइयां आदि को पर्याप्त मात्रा में बनाए रखा जाए। बयान के अनुसार, राज्य सरकारों को यह भी सलाह दी गई कि सड़कों से मलबा हटाने और अन्य बहाली कार्यों के लिए टीमों को तैयार रखा जाए।

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