Home झारखंड कैबिनेट बैठक में : कोरोना वायरस से जंग के लिए 100 करोड़ मंजूर

कैबिनेट बैठक में : कोरोना वायरस से जंग के लिए 100 करोड़ मंजूर

4 second read
0
0
13

कोरोना वायरस (कोविड-19) के खिलाफ प्रभावी जंग के लिए झारखंड सरकार ने 100 करोड़ रुपये का अग्रिम बजट मंजूर कर दिया है। पूर्व में मंजूर 30 करोड़ रुपये लंबी चल रही लड़ाई में कम पड़ गए हैं। दूसरी ओर कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए एम्स नई दिल्ली और केंद्र सरकार के निर्देशानुसार टेस्टिंग किट, इलाज सामग्री और दवा चिन्हित कंपनियों से अधिकतम खुदरा मूल्य पर खरीदी जा सकेगी। इसके लिए कैबिनेट ने बुधवार को अन्य राज्यों के आपूर्तिकर्ता एजेंसियों से क्रय के लिए वित्त नियमावली के प्रावधानों को शिथिल करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को घटनोत्तर स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट सेक्रेटरी अजय कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से 100 करोड़ रुपये की अग्रिम मंजूरी मिलने से कॉरन्टीन सेंटर, सैंपल टेस्टिंग किट, स्क्रीनिंग, भोजन, मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। सरकार ग्रामीण विकास विभाग (झारखंड राज्य जलछाजन मिशन) की ओर से आरआईडीएफ-21 के तहत 28 जलछाजन परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 229.21 करोड़ रुपये का ऋण लेने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब वर्षा जल और पठारी क्षेत्र में जल छाजन की इन योजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो सकेगा। इन योजनाओं को 2025 तक पांच वर्षों में पूरा किया जाना है। इनकी कुल लागत करीब 300 करोड़ रुपये है। दूसरी ओर कैबिनेट ने नाबार्ड से वित्तीय मदद लेकर चल रही आरआईडीएफ-21 के तहत 29 जलछाजन परियोजनाओं को दो वर्ष का अवधि विस्तार दिया है। इन योजनाओं को फरवरी 2016 में स्वीकृत किया गया था। मार्च 2020 में पूरा करना था, लेकिन काम ही शुरू हो सका 2018 में, इसलिए दो वर्ष का अवधि विस्तार दिया गया।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से आरआईडीएफ-21 के तहत छह ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से 104.38 करोड़ रुपये के ऋण लेने की स्वीकृति दी गई। पूर्व स्वीकृत इन योजनाओं के विकास में तेजी आएगी। 
पेयजल की इन योजनाओं को मिलेगी गति
ग्रामीण पाइप पेयजल आपूर्ति सरायकेला, कपाली-चांडिल, निमिया मेदिनीनगर, छत्तरपुर पलामू, पाटन और कमहारा-दुमकाप्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न  योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के लाभुकों को अप्रैल 2020 से जून 2020 तक की अवधि के लिए पांच किलोग्राम खाद्यान्न (चावल) प्रति लाभुक प्रतिमाह निशुल्क वितरित करने के लिए खाद्यान्न के परिवहन और वितरण कार्य के लिए 84.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। निर्धारित राशन के अतिरिक्त यह चावल दिया जाएगा। 

Load More By Bihar Desk
Load More In झारखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सीएम नीतीश ने दी बधाई, कही ये बात, पढ़ें

बिहार के सीएम ने  बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को बिहार के रा…