Home झारखंड झारखंड में श्रमिकों की वापसी पर झामुमो और भाजपा आमने-सामने

झारखंड में श्रमिकों की वापसी पर झामुमो और भाजपा आमने-सामने

0 second read
0
0
194

प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी पर सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर सत्तासीन दल झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी के बीच सोशल साइट पर भिडंत देखने को मिल रही है। सत्तासीन दल झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि हेमंत सरकार ने 185 से ज्यादा ट्रेनों की अनुमति दी है। इनमें से 92 से ज्यादा ट्रेनें आ भी चुकी हैं और  93 ट्रेनें अगले कुछ दिनों में आएंगी। जेएमएम ने यह जानकारी ट्वीट पर भाजपा के आरोप के जवाब में दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस ट्वीट को रिट्वीट किया है।भाजपा के ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल पर रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से लिखा गया है कि आज तक झारखंड राज्य ने मात्र 96 ट्रेनों को अनुमति दी है, राजस्थान अभी तक 35 ट्रेन ही जा पायी हैं। आगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग कर लिखा गया है कि राज्यों से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने राज्य के लोगों को घर वापस आने दें। और केंद्र सरकार को ट्रेन चलाकर प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने में सहायता करें। 

भाजपा के इस ट्वीट का ही जेएमएम ने जवाब देकर बताया कि 185 ट्रेनों को आने की अनुमति दी गई है। यह भी कहा गया है कि यह समझ से परे है कि केंद्रीय रेल मंत्री झारखंड जैसे गरीब राज्य से किस बात का द्वेष निकाल रहे हैं। यह भी कहा गया है कि लगता है कि रेल मंत्री अपने विभाग से नहीं बल्कि अपनी पार्टी से जानकारी ले रहे हैं और वह भी गलत। दूसरी ओर जेएमएम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से गृह मंत्री को लद्दाख, उत्तर-पूर्वी राज्यों में फंसे झारखंड के श्रमिकों को चार्टर प्लेन से लाने के लिए अनुमति मांगने को लिखे पत्र को अपलोड कर एनओसी नहीं देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से लिखा गया है कि देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में फंसे झारखंडियों को लाने के लिए हेमंत सरकार लगातार केंद्र से हवाई जहाज के लिए एनओसी की मांग कर रही है, पर केंद्र सरकार लगातार ये मांग नजरअंदाज कर रही है। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि जल्द झारखंड सरकार को अनुमति मिलेगी ताकि प्रवासी बंधुओं को सुरक्षित घर लाया जा सके। 

हेमंत सरकार दिशाहीन और अदूरदर्शी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने हेमंत सरकार पर दिशाहीन और दूरदर्शिता का अभाव होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसे साकार करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास तेज हुए है। कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार ने  20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है। इसका राज्य सरकार भरपूर लाभ उठा सकती है, पर कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा तक नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।प्रकाश ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेवारी राज्य सरकार की ही होती है। मनरेगा से लेकर लघु, कुटीर, मध्यम उद्योग का विकास, कोल, बॉक्साइट के खनन का क्षेत्र, प्रौद्योगिकी आधारित शैक्षणिक सुधार, स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार, मधुमक्खी, गाय व मत्स्य पालन को बढ़ावा समेत आदि कार्यों के पैकेज में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर सूक्ष्म लघु, कुटीर एवं मध्यम दर्जे के उद्योग को स्थापित कर राज्य के लाखों प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो सकता है। हेमंत सरकार ने कैबिनेट में आत्मनिर्भर झारखंड बनाने की दिशा में कोई चर्चा तक नहीं की।

Load More By Bihar Desk
Load More In झारखंड

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

बिहार में जल्द ही दे सकता है मानसून दस्तक, पढ़ें और जाने

मंगलवार को पटना समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की …