Home बड़ी खबर कोरोना का कहर : चौदह घंटे तक नवजात बच्चे के शव के साथ सफर करती रही मां

कोरोना का कहर : चौदह घंटे तक नवजात बच्चे के शव के साथ सफर करती रही मां

4 second read
0
0
121

मुजफ्फरपुर।एक मां के लिए इससे बड़ा और ह्रदय विदारक क्या हो सकता है कि उसके सामने उसके जिगर के टुकड़ा का शव पड़ा हो। घंटों उस शव के साथ निशब्द होकर सफर कर रही हो। न तो खुलकर रो सकती हो और न ही उसे जी भर कर देख सकती हो। लॉकडाउन ने मां के ममता को भी ये दिन दिखा दिए। 

 मुंबई से परिजनों को लेकर आ रहे बरुराज के रहने वाले राजकुमार की पत्नी रिंकू देवी ने नरसिंहपुर मध्यप्रदेश में बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की तबीयत ठीक नहीं होने पर इसकी सूचना परिजनों ने आरपीएफ को दिया। आरपीएफ की सूचना पर जबलपुर में रेलवे के डॉक्टरों की टीम ने मां व बच्चे का इलाज किया। चलती ट्रेन में कटनी के आसपास बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की सूचना पर आरपीएफ ने मिर्जापुर में परिजनों को बॉक्स व बर्फ उपलब्ध कराया। इसमें बच्चे को रखकर परिजनों ने मुजफ्फरपुर तक लाया। रास्ते भर रिंकू का बुरा हाल था। मगर उतने लोगों के बीच वह न तो रो सकती थी और न ही उसे गले लगा सकती थी। मुजफ्फरपुर पहुंचने पर परिजनों को आरपीएफ इंस्पेक्टर वेद प्रकाश वर्मा ने ट्रेन से उतरवाया। बाद में  एंबुलेंस से घर भेजा गया।   

सोचा था कि बच्चे का जन्म घर पर हो तो बेहतर होगा 
राजकुमार ने बताया कि लॉकडाउन में मुंबई की स्थिति अच्छी नहीं थी। वहां रहना बेहद कठिन हो गया था। वैसी स्थिति में वहां बच्चे का प्रसव करना मुश्किल लग रहा था। सोचा कोरोना का संकट कम होने तक सभी लोग घर चले जाते हैं वहीं बच्चे का जन्म होगा। लेकिन क्या पता था कि ट्रेन का सफर इतना मुश्किल हो जाएगा कि सब कुछ छिन जाएगा। चले थे तो सबकुछ ठीक था अचानक रास्ते में पत्नी को दर्द शुरू हुआ। ट्रेन में ही लोगों की मदद से बच्चे का जन्म हुआ लेकिन अचानक सबकुछ बदल गया। 

Load More By Bihar Desk
Load More In बड़ी खबर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

बिहार के इस बच्चे की बॉलीवुड एक्ट्रेस गौहर खान करेंगी मदत, पढ़ें

छठी क्लास में पढ़ने वाले 11 साल के सोनू कुमार ने हाल ही बिहार के सीएम नीतीश कुमार के सामने…