Home झारखंड झरिया की विधायक सह झारखंड विधानसभा की सचेतक पूर्णिमा नीरज सिंह ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर नदी बालू घाटों से खनन चालान निर्गत करने की मांग की

झरिया की विधायक सह झारखंड विधानसभा की सचेतक पूर्णिमा नीरज सिंह ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर नदी बालू घाटों से खनन चालान निर्गत करने की मांग की

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झरिया : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी ने झारखंड राज्य में 9 जून से 15 अक्टूबर, 2020 तक नदी घाटों से बालू के उठाव पर रोक लगाई थी। एनजीटी  की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी राज्य व जिले के विभिन्न नदी बालू घाटों पर खनन विभाग की ओर से चालान निर्गत नहीं किए जाने के कारण सरकार को हर दिन करोडों के राजस्व की हानि हो रही है। वहीं दूसरी ओर नदी घाटों से हर दिन बालू का अवैध खनन व उठाव भी हो रहा है।

झरिया की विधायक सह झारखंड विधानसभा की सचेतक पूर्णिमा नीरज सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को को पत्र लिखकर नदी बालू घाटों से खनन चालान निर्गत करने की मांग की है। पूर्णिमा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि एनजीटी की ओर से नदी बालू घाटों पर लगाई गई रोक की समय- सीमा समाप्त हो गई है। अब  इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए ।  ताकि सरकार के राजस्व में वृद्धि और हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। साथी ही नदी बालू घाटों  से बालू के अवैध खनन व उठाव  पर रोक लगाई जा सके।

धनबाद जिला बालू गाड़ी एसोसिएशन  के पदाधिकारियों ने झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह को पत्र देकर जिले के नदी घाटों से बालू खनन का चालान निर्गत कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि लगभग छह माह से नदी बालू घाटों पर चालान नहीं दिए जाने से 300 बड़े और 400 छोटे बालू परिवहन में लगे वाहन खड़े हैं।

वाहनों के  सैकड़ों चालक,  हजारों मजदूर  और ट्रक मालिक  बेरोजगार हो गए हैं। जन हित में  बालू नदी घाटों से  जल्द खनन चालान  निर्गत किया जाए।  विधायक को पत्र देने वालों में निर्मल पाठक,  जगजीत सिंह,  प्रदीप पांडेय,  गौरव गुप्ता,  अनिल कुमार,  राहुल रंजन,  नियाज खान,  सुनील यादव  आदि पदाधिकारी शामिल हैं।

जिले के नदी बालू घाटों पर खनन चालान नहीं मिलने से बीसीसीएल, सेल व अन्य कोल कंपनी के प्रबंधन परेशान हैं। कोयला खदानों में बालू की भराई नहीं हो पा रही है। कई कोलियरियों में कोयला उत्पादन फिलहाल बंद हैं। वही केंद्र व राज्य सरकार की विकास योजनाओं के अलावा सांसद और विधायक मद के कार्य भी रुके हैं।

पीसीसी सड़क, पीएम आवास योजना व नाली निर्माण के कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इस बाबत जनप्रतिनिधियों ने कई बार जिला प्रशासन को पत्र देकर नदी बालू घाटों से जल्द खनन चालन निर्गत करने की मांग की है। कई महीने बीतने के बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है। सरकारी योजनाओं के समय पर पूरा होने में भी ग्रहण लग गया है।

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