Home बड़ी खबर ऑस्ट्रेलिआ: पिछले वर्ष जंगलो में लगी आग से 60,000 कोआला मारे गए, पीएम मॉरिसन ने इसे “ब्लैक समर” कहा

ऑस्ट्रेलिआ: पिछले वर्ष जंगलो में लगी आग से 60,000 कोआला मारे गए, पीएम मॉरिसन ने इसे “ब्लैक समर” कहा

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कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया में पिछले वर्ष गर्मियों में लगी आग से वहां के 60,000 से अधिक कोआला मारे गए और इसके साथ कई जीव-जंतु गंभीर रूप से घायल हो गए।

वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर के एक अनुमान के अनुसार विलुप्त होने की कगार पर खड़ी इस प्रजाति के लिए यह आंकड़ा बहुत ही ज्यादा परेशान करने वाला है।

पिछली गर्मियों में फैली आग को प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने “ब्लैक समर” करार दिया था। देश में 24 मिलियन हेक्टेयर में फैली इस आग में 33 लोगों की मौत हो गई थी।

वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर के एक अध्ययन के अनुसार लगभग 3 बिलियन देशी जानवर इस आग में फंस गए होंगे।

केवल इस आग के कारण कोआला प्रजाति की संख्या में कमी नहीं आई है बल्कि खनन ,शहरी विकास और कृषि के कारण जंगलों की कटाई और सफाई के कारण भी कोआला संकट में आ गए हैं।

बता दे वर्ष 2016 में कोआला के विशेषज्ञों के एक पैनल की रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में कोआला की आबादी 3,29,000 थी। तब से जंगलों और घास के मैदानों में लगी आग के कारण यह संख्या लगातार घटती जा रही है।

जंगलों में लगी आग के कारण मरे कोआला का 60,000 का यह भयावह आंकड़ा एक प्रजाति के लिए एक विनाशकारी संख्या है जो पहले से ही पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में विलुप्त होने की ओर है।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डर्मोट ओ’गोर्मन ने एक रिपोर्ट में कहा कि हम किसी कीमत पर कालों को खोने का जोखिम नहीं उठा सकते। `

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने कहा कि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया का कंगारू द्वीप कोआलाओं के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र था, जिसमें लगभग 40,000 कोआला आग से प्रभावित हुए हैं।

विक्टोरिया में लगभग 11,000 और न्यू साउथ वेल्स में लगभग 8000 कोआला प्रभावित हुए हैं। साल भर की पूछताछ के बाद जून में एक NSW संसदीय जाँच ने यह निष्कर्ष निकाला कि अगर सरकार ने कोआला की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने की दिशा में तुरंत कोई कदम नहीं उठाया तो देश में कोआला 2050 तक विलुप्त हो जाएंगे।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ का उद्देश्य पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में 2050 तक कोआलाओं ​​की संख्या को दोगुना करना है। इस योजना में ड्रोन द्वारा यूकेलिप्टस के बीजों को गिराना शामिल है।

केलिप्टस के पेड़ कोआला को भोजन और आवास दोनों प्रदान करते हैं। इसके साथ ही कोआला के लिए सुरक्षित ठिकाने बनाने के लिए भूस्वामियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक कोष बनाये जाने का भी विचार है।

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