Home बड़ी खबर मोदी का गुजरात दौरा: कच्छ में 3 परियोजनाओं की आधारशिला रखी, बोले- किसानों के लिए 24 घंटे तैयार

मोदी का गुजरात दौरा: कच्छ में 3 परियोजनाओं की आधारशिला रखी, बोले- किसानों के लिए 24 घंटे तैयार

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पीएम मोदी मंगलवार को गुजरात के दौरे पर हैं। यहां कच्छ में उन्होंने समुद्री पानी को पीने के पानी में बदलने वाले प्लांट, देश की सबसे बड़ी सौर परियोजना और एक ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट का भी शिलान्यास किया।

यह हाइब्रिड रिन्युएबल एनर्जी पार्क कच्छ के विघाकोट गांव में बनाया जा रहा है। 72 हजार 600 हेक्टेयर में फैले इस एनर्जी पार्क में 30 गीगावाट तक बिजली बनाई जा सकेगी। यहां पर विंड और सोलर एनर्जी के स्टोरेज के लिए अलग जोन होगा।

बता दे मोदी ने अपने संबोधन में कहा- भूकंप के बाद कच्छ के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। जो कच्छ कभी वीरान रहता था, अब यहां देश और दुनिया के पर्यटक आते हैं। पीएम ने किसान आंदोलन का जिक्र भी किया। कहा- किसानों के हित के लिए 24 घंटे तैयार हैं। कुछ लोग किसानों को भ्रमित कर रहे हैं।

साथ हि उन्होंने कहा- कृषि सुधारों की मांग कई साल से की जा रही थी। किसान संगठन हमेशा से यही मांग कर रहे थे। आज देश ने ऐतिहासिक कदम उठाया तो विपक्ष के लोग किसानों को भ्रमित करने में जुट गए हैं।

हम किसानों के हित के लिए 24 घंटे तैयार हैं। किसानों का हित ही हमारे लिए सर्वोपरि है। मुझे भरोसा है कि किसानों के आशीर्वाद की ताकत से भ्रम फैलाने वालों, किसानों के कंधे से बंदूक चलाने वालों को जवाब मिलेगा।

आगे उन्होंने कहा – कच्छ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सीमावर्ती इलाके में तेजी से लोग आ रहे है। अब यहां से पलायन रुका है। गांवों में लोग वापस आ रहे हैं। इसका बड़ा प्रभाव राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ा है।

जो कच्छ कभी वीरान रहता था, वो अब पर्यटन का केंद्र बन रहा है। कच्छ का सफेद रण, यहां का रणोत्सव दुनिया को आकर्षित करता है। औसतन 4-5 लाख लोग रणोत्सव में आते हैं।

मोदी ने आगे कहा- भूकंप के बाद जब चुनाव हुए। नतीजे आए तो तारीख 15 दिसंबर थी। लोगों ने जमकर हमारी पार्टी पर प्यार बरसाया। इस तारीख के साथ एक और संयोग जुड़ा है।

हमारे पूर्वज गजब की सोच रखते थे। आज से 118 साल पहले (1902) आज ही के दिन अहमदाबाद में एक इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन का उद्घाटन हुआ। उसका विषय था- भानू ताप यंत्र यानी सूर्य की गर्मी से चलने वाला यंत्र। आज फिर सूर्य से ऊर्जा से चलने वाले सोलर एनर्जी पार्क का शिलान्यास किया है।

सीमा के पास पवनचक्कियां लगने से सुरक्षा भी बढ़ेगी। बिजली का बिल कम करने में भी मदद मिलेगी, प्रदूषण कम होगा, पर्यावरण को काफी फायदा होगा। यहां पैदा होने वाली बिजली 5 करोड़ टन कॉर्बनडाइऑक्साइड के उत्सर्जन रोकेगी, 9 करोड़ पेड़ों को कटने से रोकेगी।

कच्छ में नर्मदा नदी का पानी पहुंच चुका है। मोदी ने इसका भी उल्लेख किया। कहा- किसी समय कच्छ में नर्मदा का पानी पहुंचाने की बात पहुंचाने की बात होती थी, तो लोग इसे असंभव सा बताते थे, लेकिन ये हुआ।

जल संरक्षण के लिए लोग आगे आए। मैं वो दिन भूल नहीं सकता, जिस दिन नर्मदा का पानी यहां पहुंचा। हर कच्छी की आंखों से आंसू बह रहे थे। गुजरात में पानी के लिए जो विशेष ग्रिड बनाई गई, उसका लाभ करोड़ों लोगों को हो रहा है।

यह राष्ट्रीय स्तर पर जलजीवन मिशन का आधार बना। सिर्फ सवा साल के भीतर 3 करोड़ घरों तक पानी का पाइप पहुंचाया गया है। पानी को घरों तक पहुंचाने के साथ समुद्र के पानी को पीने के पानी में बदलने वाले प्लांट तैयार हो रहे हैं। इससे लाखों परिवारों को फायदा होगा। 10 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई हो सकेगी।

प्रधानमंत्री ने किसानों का जिक्र भी किया। कहा- किसानों के लिए अलग से नेटवर्क बनाया जा रहा है। उनके लिए नई लाइनें बनाई जा रही है। गुजरात पहला राज्य है जिसने किसानों के लिए नीतियां बनाईं। पहले सोलर पावर के 16-17 रुपए प्रति यूनिट बिकने की बात कही गई थी, आज यही बिजली 2-3 रुपए प्रति यूनिट बिक रही है। सोलर एनर्जी की हमारी क्षमता 16 गुना तक बढ़ गई है। इस क्षेत्र में 104 देशों की स्टडी सामने आई है। यह बताती है कि सोलर एनर्जी इस्तेमाल करने वालों में भारत ने टॉप-3 देशों में जगह बनाई है।

डिसैलिनेशन प्लांट कच्छ के मांडवी में बनाया जाएगा। इसकी मदद से हर दिन 10 करोड़ (100 MLD) लीटर समुद्र के पानी को पीने के पानी में बदला जा सकेगा। यह गुजरात में पानी की कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगा।

वहीं इससे करीब क्षेत्र के 8 लाख लोगों को पीने के पानी की सप्लाई की जा सकेगी। यह गुजरात में बनाए जा रहे पांच डिसैलिनेशन प्लांट में से एक होगा। ऐसे ही प्लांट दाहेज, द्वारका, घोघा भावनगर और गिर सोमनाथ में भी बनाए जा रहे हैं।

ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग और पैकेजिंग प्लांट कच्छ के अंजार में बनाया जाएगा। इसे 121 करोड़ रु. की लागत से तैयार किया जाएगा। इसमें से हर दिन करीब 2 लाख लीटर दूध लीटर की प्रोसेसिंग की जा सकेगी।

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