Home झारखंड अब जिले की सीमा में ई-पास नही है जरूरी, झारखंड में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू

अब जिले की सीमा में ई-पास नही है जरूरी, झारखंड में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू

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कोरोना संक्रमण को काबू में करने के बाद अब जीविका पर ध्यान केंद्रित करते हुए पाबंदियों और कुछ छूट के साथ अनलॉक की तरफ कदम बढ़ा दिया है। स्वास्थ सुरक्षा सप्ताह के रूप में मिनी लॉकडाउन को 10 जून सुबह छह बजे तक के लिए बढ़ाया गया है। इस दौरान पहले से लागू पाबंदियां में कुछ रियायतें दी गई हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके आवासीय कार्यालय में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में तीन जून की सुबह छह बजे समाप्त हो रहे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की अवधि को एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में जिले के अंदर ई-पास की अनिवार्यता खत्म करने का निर्णय लिया गया जबकि इंटर स्टेट और इंटर डिस्ट्रिक्ट निजी वाहन से आने-जाने के लिए ई-पास अनिवार्य रखा गया है। सूबे में मॉल और मल्टी ब्रांड वाली दुकानें बंद रहेंगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके आवासीय कार्यालय में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में तीन जून की सुबह छह बजे समाप्त हो रहे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की अवधि को एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में जिले के अंदर ई-पास की अनिवार्यता खत्म करने का निर्णय लिया गया जबकि इंटर स्टेट और इंटर डिस्ट्रिक्ट निजी वाहन से आने-जाने के लिए ई-पास अनिवार्य रखा गया है। सूबे में मॉल और मल्टी ब्रांड वाली दुकानें बंद रहेंगी।

फिलहाल परिस्थियों का आकलन करने के बाद राज्य के सभी 24 जिलों को दो श्रेणियों में बांटकर स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में शर्तों के साथ कुछ रियायत देने का निर्णय लिया गया है। एक सप्ताह के बाद परिस्थितियों का आकलन करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह पर आगे फैसला होगा।

 

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